Thursday, June 13, 2019

☞   ✔️ 13/06/2019 करेंट अफेयर्स

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, मां-बाप की सेवा नहीं करने वाले बच्चों को जाना पड़ेगा जेल

राज्य सरकार के अनुसार, ऐसे मां-बाप जिनके बच्चे उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं उनको कानूनी संरक्षण प्रदान करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है.
बिहार सरकार ने हाल ही में एक बड़ा फैसला किया है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मुताबिक मां-बाप के साथ दुर्व्यवहार करने पर अब बच्चों को जेल जाना पड़ेगा.

मुख्य बिंदु:

अगर किसी बच्चे के मां-बाप इसकी शिकायत करते हैं कि उनकी संतान सेवा नहीं करती तो ऐसे बच्चों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

राज्य सरकार के अनुसार, ऐसे मां-बाप जिनके बच्चे उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं उनको कानूनी संरक्षण प्रदान करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है.

बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 15 प्रस्तावों पर मुहर लगी है. बिहार सरकार ने कैबिनेट की बैठक में जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा में आतंकवादी घटनाओं में शहीद हुए बिहार के जवानों के परिजनों को नौकरी देने का भी फैसला किया है.
नीतीश सरकार द्वारा शराबबंदी और दहेज को बंद करने जैसे फैसलों के बाद सामाजिक कुरीति दूर करने हेतु यह एक और बड़ा प्रयास किया गया है.

मां-बाप की सेवा करना अनिवार्य:

कैबिनेट की बैठक में बच्चों के द्वारा मां-बाप की सेवा करना अनिवार्य बना दिया गया है. सरकार के इस नियम का पालन ना करने और मां-बाप की सेवा ना करने वाली संतान को जेल जाना पड़ेगा.

बिहार सरकार द्वारा सर्वे:

बिहार सरकार ने पिछले दिनों एक सर्वे कराया था जिसमें इस बात का खुलासा हुआ कि राज्य में रहने वाले बुजुर्ग माता-पिता की हालत ठीक नहीं है. जिसके बाद यह फैसला किया गया है.

इस फैसले का बड़ा प्रभाव:

बिहार सरकार का यह फैसला भारत के बदलते सामाजिक स्वरूप को सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है. पिछले कुछ सालों में बुढ़ापे में मां बाप के साथ दुर्व्यवहार की घटनाओं में लगातार इजाफा हुआ है. नीतीश कुमार का यह फैसला उन बच्चों के दिमाग में कानून का डर पैदा करेगा. मां-बाप जब असहाय हो जाते हैं, जब उन्हें अपने बच्चों की सबसे ज्यादा जरूरत होती है तब कई बच्चे अपने मां-बाप को ही बोझ समझने लगते हैं.

करेंट अफेयर्स एक पंक्ति में: 13 जून 2019

•    हाल ही में न्यू मक्सिको विश्वविद्यालय में जिस देश के वैज्ञानिक ने अल्ज़ाइमर के निवारण हेतु वैक्सीन के एक नए प्रसंस्करण की खोज की है- अमेरिका

•    हाल ही में जिस राज्य सरकार के मुताबिक मां-बाप के साथ दुर्व्यवहार करने पर अब बच्चों को जेल जाना पड़ेगा- बिहार

•    केंद्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन की अवधि 3 जुलाई से और जितने महीने बढ़ाने को मंज़ूरी दे दी हैं-6

•    हाल ही में अमिताभ बच्चन ने जिस राज्य के करीब 2,100 किसानों का कर्ज़ चुका दिया है- बिहार

•    जिस नाम से स्पेस वॉर से निपटने हेतु एजेंसी बनाए जाने की घोषणा की गई है- DSRO

•    हाल ही में जिस राज्य में एन्सेफ़्लाइटिस अथवा दिमागी बुखार से 43 बच्चों की मौत हुई है- बिहार

•    फ़ोर्ब्स द्वारा जारी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली खिलाडियों की सूची में पहले स्थान पर हैं- लिओनेल मेसी

•    शिखर धवन को चोटिल होने के बाद वर्ल्ड कप 2019 में टीम से बाहर होना पड़ा, उनके स्थान पर जिस खिलाड़ी को टीम में जगह दी गई है- ऋषभ पंत

•    हाल ही में शोधकर्त्ताओं ने जिस राज्य में वर्षा पसंद करने वाली साँप की एक नई प्रजाति की खोज की है- मिज़ोरम

•    जिस दिन वर्ष 2019 का निर्जला एकादशी मनाया जा रहा है-13 जून


अंतरिक्ष में भारत की सैन्य ताकत; सरकार ने डीएसआरओ को हथियार बनाने की दी मंजूरी 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों पर कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) ने रक्षा अंतरिक्ष अनुसंधान एजेंसी (डीएसआरओ) नाम से जानी जाने वाली एक नई एजेंसी के गठन को मंजूरी दे दी है. इस एजेंसी को अंतरिक्ष युद्ध हथियार प्रणालियों और प्रौद्योगिकियों को विकसित करने का काम सौंपा गया है.

यह एजेंसी अंतरिक्ष युद्ध को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों और तक तकनीक का विकास करेगी. कुछ समय पहले ही सरकार ने उच्च स्तरीय बैठक में इस एजेंसी के गठन का फैसला किया था.

वैज्ञानिकों का दल शामिल:

इस एजेंसी में वैज्ञानिकों का दल शामिल होगा. ये सभी वैज्ञानिक  सेना के तीनों अंगों के अधिकारियों के संगठन के साथ मिलकर काम करेगें. यह एजेंसी रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी (डीएसए) को अनुसंधान एवं विकास कार्यो में सहयोग मुहैया कराएगी.


रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी (डीएसए):

रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी (डीएसए) में सेना के तीनों अंगों के सदस्य शामिल होते हैं. अंतरिक्ष युद्ध के लिए डीएसए का गठन किया गया था. मोदी सरकार ने अंतरिक्ष एवं साइबर हमलों से निपटने हेतु हाल के वर्षों में विशेष तैयारी की है और उसने कई एजेंसियों का गठन किया है. स्पेशल ऑपरेशंस डिविजन देश के भीतर एवं बाहर दोनों तरफ खतरों का मुकाबला करने के लिए बनाई गई है.

एंटी सैटेलाइट टेस्ट का सफल परीक्षण:

एंटी सैटेलाइट टेस्ट का सफल परीक्षण मार्च 2019 में किया गया था. इस परीक्षण से देश की अंतरिक्ष में सैटेलाइट को मार गिराने की क्षमता का प्रदर्शन हुआ था. यह क्षमता अभी तक सिर्फ चार देशों के पास ही थी.


बैडमिंटन स्टार ली चोंग वेई ने लिया संन्यास

हाल ही में, कैंसर से जूझने वाले बैडमिंटन स्टार ली चोंग वेई ने 13 जुलाई 2019 को संन्यास लेने की घोषणा कर दी जिससे एक बेहतरीन करियर का भी अंत हो गया जिसमें उन्होंने कई खिताब जीते लेकिन ओलिंपिक गोल्ड मेडल जीतने का उनका सपना अधूरा ही रह गया। इस 36 वर्षीय स्टार ने कहा, ‘मैंने भारी मन से संन्यास लेने का फैसला किया है। मैं वास्तव में इस खेल को बहुत चाहता हूं लेकिन यह काफी दमखम वाला खेल है। मैं पिछले 19 वर्षों में सहयोग और समर्थन के लिए सभी मलयेशियावासियों का आभार व्यक्त करता हूं।’

दो बच्चों के पिता ली को पिछले साल नाक के कैंसर का पता चला था जो शुरुआती चरण में था। इसके बाद उन्होंने ताइवान में उपचार कराया और कहा कि वह वापसी करने के लिए बेताब हैं। उन्होंने हालांकि अप्रैल से अभ्यास नहीं किया और कई समय-सीमाएं तय करने और उन्हें पूरा नहीं कर पाने के कारण अगले साल तोक्यो ओलिंपिक में खेलने की उनकी उम्मीदें क्षीण पड़ गई थीं।

PM मोदी ने सभी मंत्री को सुबह 9.30 तक दफ्तर पहुंच जाने का आदेश दिया


हाल ही में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रियों को सुबह साढ़े नौ बजे तक दफ्तर पहुंच जाने की आदेश दिया है। उन्होंने मंत्रिपरिषद की बैठक में कहा कि मंत्री घर से काम करने से बचें और लोगों के लिए एक उदाहरण पेश करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब संसद का सत्र चल रहा हो तो मंत्रियों को दिल्ली में ही रहने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा की राज्य मंत्रियों को बड़ी भूमिका देने की बात करते हुए कहा कि कैबिनेट मंत्रियों को उनके साथ महत्वपूर्ण फाइलें साझा करनी चाहिए। इससे उत्पादकता बढ़ेगी। उनका यह भी कहना था कि फाइलों को तेजी से निपटाने के लिए कैबिनेट मंत्री और उनके सहायक मंत्री साथ बैठकर प्रस्तावों को मंजूरी दे सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समय पर ऑफिस पहुंचने पर जोर देते हुए कहा कि सभी मंत्री समय पर ऑफिस पहुंचें और कुछ मिनट का समय निकालकर अधिकारियों के साथ मंत्रालय के कामकाज की जानकारी लें। उन्होंने कहा कि उन्हें पार्टी सांसदों और जनता से भी मिलते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे लोग अपने-अपने राज्य के सांसदों के साथ मुलाकात के जरिए यह सिलसिला शुरू कर सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस पर भी जोर दिया कि एक मंत्री और सांसद में बहुत फर्क नहीं है।

Advertisement Adnow

Popular Posts of The month

Amazon Offers

 
अब पाये सभी सरकारी नौकरी और उनसे जुड़े हुए किसी भी सवालो के जवाब हमारी website पर सबसे पहले