भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत लिखित और मौखिक रूप से अपना मत प्रकट करने हेतु अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार की गारंटी प्रदत्त है अधिक जानकीरी के लिए टारगेट अडडा टेलीग्राम चैनल से जुड़े किंतु इन अधिकारों को निम्नलिखित स्थितियों में बाधित किया जा सकता है-
भारत की एकता, अखंडता एवं संप्रभुता पर खतरे की स्थिति, वैदेशिक संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव, न्यायालय की अवमानना
भारत के सभी नागरिकों को विचार करने, भाषण देने और अपने व अन्य व्यक्तियों के विचारों के प्रचार की स्वतंत्रता (Freedom of Speech and Expression) प्राप्त है। प्रेस/पत्रकारिता भी विचारों के प्रचार का एक साधन ही एक साधन है इसलिये इसमें प्रेस की स्वतंत्रता भी सम्मिलित है।
✅ बंदी प्रत्यक्षीकरण
What is Habeas Corpus?
हालिया प्रकरण में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका भी दायर की गई थी।
बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के मामले में सर्वोच्च न्यायालय के पास अनुच्छेद 32 के तहत रिट जारी करने का अधिकार होता है।
‘Habeas Corpus’ लैटिन भाषा से लिया गया है, जिसका अर्थ ‘को प्रस्तुत किया जाए’ होता है।
यह उस व्यक्ति के संबंध में न्यायलय द्वारा जारी आदेश होता है, जिसे दूसरे द्वारा हिरासत में रखा गया है। यह किसी व्यक्ति को जबरन हिरासत में रखने के विरुद्ध होता है।
✔️ बंदी प्रत्यक्षीकरण की रिट सार्वजनिक प्राधिकरणों या व्यक्तिगत दोनों के विरुद्ध जारी की जा सकती है।
बंदी प्रत्यक्षीकरण कब जारी नहीं की जा सकती है?
अगर व्यक्ति को कानूनी प्रक्रिया के अंतर्गत हिरासत में लिया गया हो।
यदि कार्यवाही किसी विधानमंडल या न्यायालय की अवमानना के तहत हुई हो।
न्यायलय के आदेश द्वारा हिरासत में लिया गया हो।







