संविधान के अनुच्छेद 87 में दिये गए प्रावधान के अनुसार राष्ट्रपति विधायी शक्तियों के अंतर्गत दो बार संसद के दोनों सदनों को संबोधित करता है- प्रत्येक नए चुनाव के बाद तथा प्रत्येक वर्ष संसद के प्रथम अधिवेशन को।
इसके अंतर्गत राष्ट्रपति के विशेष अभिभाषण में सरकार की आगे की नीतियों, प्राथमिकताओं और योजनाओं का उल्लेख किया जाता है।







