Thursday, June 27, 2019

☞   ✔️ 27 जून 2019 करंट अफेयर्स फ्लैगशिप परियोजना

फ्लैगशिप परियोजना (Flagship Project)

यह परियोजना 3.5 वर्षों की पायलट चरण की होगी, जिसे हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, नागालैंड और कर्नाटक में साढ़े तीन साल के पायलट चरण के दौरान लागू किया जाएगा।

परियोजना का उद्देश्‍य भारतीय राज्यों के लिये उत्तम कार्य प्रणाली और निगरानी प्रोटोकॉल को विकसित करना तथा अनुकूल बनाना और पांच पायलट राज्यों के भीतर क्षमता का निर्माण करना है।

परियोजना के आगे के चरणों में पूरे देश में इसका विस्‍तार किया जाएगा।


जैव विविधता अभिसमय (Convention on Biological Diversity- CBD)


यह अभिसमय वर्ष 1992 में रियो डि जेनेरियो में आयोजित पृथ्वी सम्मेलन के दौरान अंगीकृत प्रमुख समझौतों में से एक है।

CBD पहला व्यापक वैश्विक समझौता है जिसमें जैवविविधता से संबंधित सभी पहलुओं को शामिल किया गया है।

इसमें आर्थिक विकास की ओर अग्रसर होते हुए विश्व के परिस्थितिकीय आधारों को बनाएँ रखने हेतु प्रतिबद्धताएँ निर्धारित की गयी है।

सीबीडी में पक्षकार के रूप में विश्व के 196 देश शामिल हैं जिनमें 168 देशों ने हस्ताक्षर किये हैं।

भारत सीबीडी का एक पक्षकार (party) है।

इस कन्वेंशन में राष्ट्रों के जैविक संसाधनों पर उनके संप्रभु अधिकारों की पुष्टि किये जाने के साथ तीन लक्ष्य निर्धारित किये गए है-

जैव विविधता का संरक्षण।

जैव विविधता घटकों का सतत् उपयोग।

आनुवंशिक संसाधनों के उपयोग से प्राप्त होने वाले लाभों में उचित और समान भागीदारी।


✔️ हाल ही में भारत को नाटो (North Atlantic Treaty Organization- NATO) सहयोगी के समान दर्जा देने के लिये अमेरिकी सीनेटरों ने हथियार निर्यात नियंत्रण अधिनियम (Arms export Control Act-AECA) में संशोधन की मांग की है।

उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो)

🖍 North Atlantic Treaty Organization (NATO)

यह अंतर-सरकारी संगठन है जिसकी स्थापना 1949 में की गई थी इसका मुख्यालय बेल्जियम के ब्रुसेल्स में अवस्थित है इस संगठन में अमेरिका तथा यूरोप के सभी प्रमुख देश शामिल है वर्तमान में इसके 29 राज्य सदस्य हैं।

✔️हथियार निर्यात नियंत्रण अधिनियम (Arms export Control Act-AECA)

यह अमेरिकी अधिनियम है जो अमेरिकी राष्ट्रपति को प्रतिरक्षा से संबंधित सामग्रियों और सेवाओं के निर्यात पर नियंत्रण प्रदान करता है।

✔️COMCASA: संगतता और सुरक्षा समझौता (Communications Compatibility and Security Agreement -COMCASA)

कूटबद्ध/एन्क्रिप्टेड संचार प्रणाली के हस्तांतरण को सरल बनाता है और उच्च तकनीक वाले सैन्य उपकरणों को साझा करने हेतु यह समझौता अमेरिका की प्रमुख आवश्यकता है।

✔️BECA: मूल विनिमय और सहयोग समझौता (Basic Exchange and Cooperation Agreement)

यह भू-स्थानिक जानकारी के विनिमय को आसान बनाता है।

✔️LEMOA: लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरैंडम ऑफ एग्रीमेंट (Logistics Exchange Memorandum of Agreement) पर भारत ने वर्ष 2016 में हस्ताक्षर किये थे। यह समझौता दोनों देशों की सेनाओं की एक-दूसरे की सैन्य सुविधाओं तक पहुँच को आसान बनाता है लेकिन यह इसे स्वचालित या अनिवार्य नहीं बनाता है।

✔️GSOMIA: सैन्य सूचना समझौते की सामान्य सुरक्षा (General Security Of Military Information Agreement) पर भारत ने वर्ष 2002 में हस्ताक्षर किये थे। यह सेनाओं को उनके द्वारा एकत्रित खुफिया जानकारी साझा करने की अनुमति देता है।

 भारत में जनसंख्या विस्फोट

✔️चर्चा में क्यों?

संयुक्त राष्ट्र (United Nations- UN) द्वारा हाल ही में जनसंख्या आधारित एक अध्ययन की रिपोर्ट जारी की गई है, जिसके अनुसार वर्ष 2050 तक पृथ्वी पर मानव की कुल आबादी 9.7 बिलियन हो जाएगी और वर्ष 2100 तक यह संख्या 11 बिलियन तक पहुँच जाएगी। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है की मात्र 8 वर्षों (यानि वर्ष 2027) में भारत चीन को जनसंख्या के मामले में पीछे छोड़ देगा और विश्व का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बन जाएगा।

✔️मुख्य बिंदु :

भारत सहित नाइज़ीरिया, पाकिस्तान, कांगो, इथियोपिया, तंज़ानिया, इंडोनेशिया, मिस्र और अमेरिका जैसे तमाम देश उन देशों की सूची में हैं जो भविष्य में बहुत अधिक जनसंख्या वृद्धि अनुभव करेंगे। इस सूची में भारत शीर्ष स्थान पर है।

रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2019 से 2050 के बीच भारत की जनसंख्या में 273 मिलियन वृद्धि होने की संभावना है।

UN के अनुसार वर्ष 2050 तक विश्व की 16 प्रतिशत जनसंख्या 65 वर्ष से अधिकम उम्र की होगी जबकि अभी यह सिर्फ 9 प्रतिशत ही है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वर्ष 2050 में विश्व के 426 मिलियन लोग 80 वर्ष की उम्र से अधिक होंगे जबकि वर्तमान में केवल 143 मिलियन लोग ही ऐसे हैं जिनकी उम्र 80 वर्ष से अधिक है।

रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 1990 से 2019 के बीच प्रजनन दर में भी लगभग 78 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। जहाँ एक ओर वर्ष 1990 में यह दर 3.2 थी वहीं वर्ष 2019 में यह 2.5 दर्ज की गई है। शोधकर्त्ताओं का मानना है कि वर्ष 2050 तक इस दर में और अधिक गिरावट आएगी।

अध्ययन के अनुसार बांग्लादेश, नेपाल और फिलीपींस जैसे देशों में होने वाले जनसंख्या परिवर्तन का मुख्य कारण बाहरी पलायन है।

हालाँकि रिपोर्ट में इस बात को भी स्पष्ट किया गया है कि विश्व जनसंख्या की वृद्धि दर 2 साल व्यक्त किये गए पूर्वानुमान से कम होगी। ज्ञातव्य है कि UN ने 2 साल पहले वर्ष 2017 में भी ऐसी ही एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमे यह दावा किया गया था कि वर्ष 2050 में विश्व की कुल जनसंख्या 7.7 बिलियन होगी और वर्ष 2100 में 11.2 बिलियन।

✅ संयुक्त राष्ट्र (United Nations - UN)

संयुक्त राष्ट्र एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था है जिसकी स्थापना द्वितीय विश्व युद्ध के बाद वर्ष 1945 में की गई थी।

अपने आरंभिक दौर में संयुक्त राष्ट्र के केवल 51 सदस्य देश थे लेकिन आज 193 देश इसके सदस्य बन चुके हैं।

संयुक्त राष्ट्र के कार्य इसके चार्टर में तय किये गए हैं। लेकिन इसका मुख्य कार्य दुनियाभर में शांति बनाए रखना और विश्व के विकास के प्रयास करना है।

संयुक्त राष्ट्र में अलग-अलग काउंसिल जैसे- सिक्योरिटी काउंसिल, इकोनॉमिक और सोशल काउंसिल बने हुए हैं जो अलग-अलग कार्यों को देखते हैं।

इसका मुख्यालय अमेरिका के न्यूयॉर्क में है। इसके अलावा इसके मुख्य ऑफ़िस जिनेवा, नैरोबी और वियना में भी है।

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