Thursday, June 20, 2019

☞   ✔️20/06/2019 Current Affairs

रावण-1 : श्रीलंका का पहला उपग्रह लांच किया गया

दो श्रीलंकाई इंजीनियरों द्वारा निर्मित किये गये प्रथम उपग्रह ‘रावण-1’ को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया गया है।  इसे अंतर्राष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन से दो अन्य BIRDS 3 उपग्रहों के साथ लांच किया गया।

रावण-1

इस उपग्रह को 18 फरवरी को जाक्सा (जापानी अन्तरिक्ष एजेंसी) को सौंपा गया था, 17 अप्रैल को इसे अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन के लिए अमेरिका से सिग्नस-1 स्पेसक्राफ्ट द्वारा लांच किया गया था।
इस उपग्रह को 400 किलोमीटर की कक्षा में स्थापित किया गया है। इस उपग्रह को दो श्रीलंकाई इंजीनियरों थारिंदु दयारत्ने तथा दुलानी चमिका द्वारा विकसित किया गया है, यह दोनों इंजीनियर जापान के क्यूशू इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी में अध्ययन कर रहे हैं।
यह एक क्यूब सैटेलाइट है, इसका भार लगभग 1.05  किलोग्राम है। यह उपग्रह श्रीलंका तथा इसके आसपास के क्षेत्रों के चित्र लेगा। इस उपग्रह का न्यूनतम कार्यकाल 1.5 वर्ष है, परन्तु इस उपग्रह के पांच वर्ष तक कार्य करने की उम्मीद जताई जा रही है।


भारत 2027 तक चीन को जनसँख्या के मामले में पछाड़ देगा : संयुक्त राष्ट्र


हाल ही में संयुक्त राष्ट्र द्वारा “World Population Prospects 2019” रिपोर्ट जारी की गयी, इस रिपोर्ट के अनुसार 2027 तक भारत जनसँख्या के मामले में चीन को पछाड़ देगा।

मुख्य बिंदु

धीमी जन्म दर होने के बावजूद भी 2050 तक वैश्विक जनसँख्या में दो अरब का इजाफा होगा, 2019 में 7.7 अरब के मुकाबले 2050 में विश्व की जनसँख्या 9.7 अरब तक पहुँच जाएगी। इसमें 50% से अधिक जनसँख्या केवल 9 देशों में ही केन्द्रित होगी, यह नौ देश हैं – भारत, पाकिस्तान, अमेरिका, नाइजीरिया, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ़ कांगो, इथियोपिया, मिस्र, तंज़ानिया तथा इंडोनेशिया। आने वाले समय में उप-सहारा अफ्रीका की जनसँख्या दोगुनी हो सकती है।
भारत : रिपोर्ट के मुताबिक 2050 तक भारत की जनसँख्या में 273 मिलियन की वृद्धि होगी और भारत इस सदी के अंत तक विश्व का सर्वाधिक जनसँख्या वाला देश बना रहेगा। 2019 में भारत की अनुमानित जनसँख्या 1.37 अरब तथा चीन की अनुमानित जनसँख्या 1.43 अरब है।

*चंद्रयान-1 की बड़ी सफलता के बाद, ISRO ने चंद्रयान-2 के प्रक्षेपण की तैयारी शुरू कर दी है।* 

 *चंद्रयान-2 के प्रक्षेपण की तारीख़ 9 से -16 जुलाई के बीच रखी गयी है।* 

हाल ही में ISRO के chairman K. Sivan ने बताया कि यह Spacecraft 6 सितम्बर तक चन्द्रमा पर सयुंक्त रूप से Lunar South Pole में उतरेगा जहाँ आज तक कोई Agency नहीं पहुँच पाई है।

ISRO यानी भारतीय अंतरिक्ष अनुसन्धान संगठन।

 ISRO भारत सरकार की प्रमुख अंतरिक्ष अन्वेषण एजेंसी है। 

 *इसका मुख्यालय बंगलूरू में है।* 

 *ISRO का गठन 1969 में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के माध्यम से राष्ट्रीय विकास के लिए हुआ था।* 

 *ISRO को विक्रम साराभाई और पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा 1962 में स्थापित किया गया था।* 

अपनी स्थापना के बाद ISRO ने कई महत्वपूर्ण मिशनों को पूरा किया है।

चंद्रयान-2 भारत का दूसरा Lunar exploration मिशन है जिसे geosynchronous satellite launch vehicle mark III GSLV MK iii द्वारा भेजा जाएगा।

 *3.8 टन द्रव्यमान वाले इस Spacecraft में तीन module हैं।* 

ये module - Orbiter, Lander और Rover के रूप में मौजूद होंगे।

Spacecraft में मौजूद इन Modules के काम की बात करें तो - Orbiter 100 km यानि 62 मील की ऊंचाई से चन्द्रमा की परिक्रमा करेगा। 

इस Orbiter की संरचना का निर्माण Hindustan Aeronautics Ltd. द्वारा 2015 में किया गया और उसके बाद ISRO को भेजा गया। 

ये Mission Orbiter पर पांच यंत्र ले कर जाएगा जिनमे से तीन नए यंत्र हैं और दो उन्नत संस्करण हैं जिनमें से एक चंद्रयान - 1 में भी शामिल था। 

 *इसका launch द्रव्यमान लगभग 2379 kg है।* 

Lander की बात करे तो इस Mission के Lander का नाम Vikram है। 

जिसका अर्थ वीरता है, इस Lander का नाम विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया है, जिन्हें Indian Space Programme का जनक माना जाता है। 

Vikram Orbiter से अलग हो कर धीरे से एक कठोर सतह पर उतरेगा। 

इस बीच Orbiter चन्द्रमा के आस-पास लगभग 100 km की सतह के चारों ओर चक्कर लगाएगा और Picture लेगा। 

इसी के साथ-साथ ये सतह की जानकारी एकत्रित करेगा और पृथ्वी पर भेजेगा। 

Orbiter सौर्य ऊर्जा के ज़रिए संचालित होगा।

Vikram का प्रारंभिक विन्यास अध्ध्यन अहमदाबाद में Space Application Centre SAC द्वारा 2013 में पूरा किया गया था। 

Lander और Rover का सयुंक्त *द्रव्यमान लगभग 1471 kg है।* 

अब Rover की बात करे तो इस Mission में इसको प्रज्ञान नाम दिया गया है। 

 *इसका द्रव्यमान 27 kg होगा* और ये भी सौर ऊर्जा से संचालित होगा। 

प्रज्ञान चंद्र सतह पर 6 पहियों से आगे बढ़ेगा और Site पर Chemical विश्लेषण करेगा। 

प्राप्त किये Data को Rover Orbiter को भेजेगा जो Data को आगे पृथ्वी पर भेजेगा। 

Rover के निर्माण की प्रारंभिक योजना रूस में design करने की थी जिसे बाद में भारत में निर्मित किया जाता लेकिन रूस इसमें विफल रहा और ISRO ने Rover के design और fabrication को खुद किया। 

IIT कानपूर इसकी उप-प्रणाली तैयार कर रही है।

चंद्रमा का एक दिन पृथ्वी के 14 दिनों के बराबर है, Lander और Rover से इसी अवधि में काम करने की उम्मीद की जा रही है। 

चंद्र दृश्ये को दूर से और सतह से देखने और मापने के लिए यह Mission 14 payload का निरिक्षण करता है जिनमें से एक उपकरण NASA का reflectometer है जो की future Missions को चिन्हित करने और चंद्र से पृथ्वी की दूरी आकलन करने के लिए है।

 *ISRO के अनुसार Soft -* Landing यानि craft को सयुंक्त रूप से चंद्र सतह पर उतरना इस मिशन की सबसे बड़ी चुनौती है। 

मिशन South Pole Lunar पर उतरेगा जहाँ पर आज तक कोई नहीं पहुंचा है। 

 *सबसे पहली Soft - Landing Luna 9 की फरवरी 3 , 1966 में हुई थी।* 

जिसके बाद सोवियत संघ, US , और हल ही में चीन ने काफी Soft - Landing की हैं।

लेकिन इनमे से कोई भी उस सतह पर नहीं उतरा है जहाँ अब भारत का चंद्रयान-2 उतरने जा रहा है। 

जिन सतहों पर अब तक Landing हो चुकी है सिर्फ उन्ही की jankari ISRO के पास है, इतिहास में कुछ ऐसे Astronomers थे जो ये मानते थे कि शायद चन्द्रमा की सतह उतनी कठोर न हो और वह बस मिटटी से ढकी हो। 

अगर ऐसा हुआ तो जो Astronauts चंद्र यात्रा पर जाएंगे वह मिटटी में धस जाएंगे।

इसके अलावा भी तीन और चुनौतियाँ हैं , जैसे: Trajectory Accuracy यानि प्रक्षेपवक्र सटीकता: प्रक्षेपवक्र या उड़ान पथ वह मार्ग है जो गति में द्रव्यमान के साथ एक वास्तु , समय के एक कार्य के रूप में अंतरिक्ष से गुज़रती है । 

3 दशामबलव 844 लाख किलोमीटर के गंत्वव्य को cover करते समय प्रक्षेपवक्र सटीकता सुनिश्चित करना एक चुनौती है। 

Trans - Lunar Injection : यह तकनीक Spacecraft को प्रक्षेपवक्र पर सेट करने के लिए उपयोग की जाती है जिससे चन्द्रमा तक पहुंचा जाता है।

जब चंद्रयान के संचालकों को Orbiter के संपर्क में रहना होगा, Lander और Rover को नियंत्रण में रखने के लिए, तब पृथ्वी से इतनी दूरी के कारण Radio Signals में कमज़ोरी आ सकती है , जिसके कारण संपर्क करना मुश्किल हो सकता है। इन सभी चुनौतियों के बावजूद ISRO ,चंद्रयान-2 से एक सकारात्मक परिणाम की उम्मीद रख रहा है। 

इससे पहले Mission चंद्रयान-1 था, चंद्रयान-1 भारत का पहला मिशन था जिसे ISRO ने ही लांच किया था।

यह मिशन अक्टूबर 2008 - अगस्त 2009 तक चला।

इस मिशन में एक Lunar Orbiter और Impactor था जिसे PSLV - XL राकेट, सीरियल नंबर C11 द्वारा 22 अक्टूबर 2008 को चेन्नई के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से Space में भेजा गया। 

ये मिशन भारत के लिए एक प्रमुख उन्नति थी क्यूंकि भारत ने चन्द्रमा का पता लगाने के लिए अपनी खुद की तकनीक का शोध किया और उसे विकसित किया। 

इस Project की कीमत लगभग 386 करोड़ थी।

तकनीकी खराबी और संपर्क विफलता के कारण ये मिशन पूरा नहीं हो पाया और लगभग एक साल बाद ही मिशन ओवर घोषित कर दिया गया । 

चंद्रयान - 1 ने योजनाबद्ध दो वर्षों के मुक़ाबले सिर्फ 312 दिन काम किया लेकिन इसके बावजूद 95 % सफलता प्राप्त की। 

इस मिशन की सबसे बड़ी खोज चंद्र मिटटी में पानी के अंश की मौजूदगी थी।


विश्व की सबसे छोटी महिला ज्योति आम्गे ने किया योग

ज्योति आम्गे ने अपने योग ट्रेनर के साथ योग के अलग-अलग आसनों को बड़ी सरलता से किया. इस दौरान वहां बड़ी संख्या में लोग भी मौजूद थे. 21 जून को विश्वभर में होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं.

योग दिवस से ठीक एक दिन पहले 20 जून 2019 को गीनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज करवाने वालीं विश्व की सबसे छोटी महिला ज्योति आम्गे भी नागपुर में योग करती नजर आयीं.


21 जून को विश्वभर में होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विश्वभर के लोग जो योग का समर्थन करते हैं वे अलग-अलग तरीके से योग कर इस दिन को और भी खास बनाने की कोशिशों में लगे हैं.

ज्योति आम्गे ने अपने योग ट्रेनर के साथ योग के अलग-अलग आसनों को बड़ी सरलता से किया. इस दौरान वहां बड़ी संख्या में लोग भी मौजूद थे. योग के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए उद्देश्य से अलग-अलग देशों में योग से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन होगा.

प्रत्येक साल की तरह इस साल भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों के साथ योगा करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी इस साल झारखंड की राजधानी रांची में आम लोगों के साथ योग करेंगे. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली, चंड़ीगढ़, लखनऊ और देहरादून में योग दिवस के मौके पर योग कर चुके हैं. इस दिवस को लेकर लोगों के अंदर जोश और उत्साह देखने लायक है.

पांचवा योग दिवस


संयुक्त राष्ट्र ने 177 सदस्य देशों की सहमति के बाद 11 दिसम्बर 2014 को एक प्रस्ताव पारित कर 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी. पहली बार साल 2015 में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया. पहली योग दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में शामिल हुए थे. ये पांचवा योग दिवस है जिसे मनाया जाएगा.

ज्योति आम्गे के बारे में

ज्योति आम्गे का जन्म नागपुर में 16 दिसम्बर 1993 को हुआ था. उन्हें एकॉन्ड्रोप्लेसिया यानि बौनेपन की बीमारी थी. ज्योति आम्गे लिम्का बुक ऑफ रिकार्डस और गिनीज बुक ऑफ व‌र्ल्ड रिकार्ड के मुताबिक विश्व की सबसे छोटे कद की महिला हैं. विश्व की सबसे छोटी महिला ज्योति आम्गे नागपुर की रहने वाली हैं. उन्हें अठारह साल की उम्र में विश्व की सबसे छोटी कद की महिला होने का खिताब मिला था.

योग के लाभ

योग से कई फायदे है. योग से कई गंभीर बीमारियों में राहत मिलती है. इससे शुगर, गठिया, ब्लड प्रेशर, पेट की बीमारियों और अस्थमा तक में काफी लाभ होता है.


📢नई_दिल्ली_में_किया_जायेगा_वर्ल्ड_फ़ूड_इंडिया_2019_का_आयोजन

केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने हाल ही में घोषणा की है कि वर्ल्ड फ़ूड इंडिया 2019 का आयोजन नई दिल्ली के विज्ञान भवन तथा राजपथ लॉन में किया जायेगा। वर्ल्ड फ़ूड इंडिया का आयोजन 1 से 4 नवम्बर, 2019 के बीच किया जाएगा।

मुख्य बिंदु
वर्ल्ड फ़ूड इंडिया 2019 में भारत के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में निवेश के अवसरों पर चर्चा की जायेगी। भारतीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में विस्तार के काफी अवसर है, गौरतलब है कि भारत के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में 11% की वृद्धि हुई है जो कि वैश्विक दर से दोगुनी है।

वर्ल्ड फ़ूड इंडिया 2019
यह वर्ल्ड फ़ूड इंडिया का दूसरा संस्करण होगा, इस वर्ष खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय ने कम से कम 15 देशों के साथ पार्टनरशिप करना का लक्ष्य रखा है तथा इसमें 80 देश हिस्सा ले सकते हैं। इस इवेंट में कई उच्च स्तरीय सेमिनार व सत्र आयोजित किये जायेंगे।

भारत में एक विशाल घरेलु बाज़ार है तथा कृषि उत्पादन भी काफी होता है। परन्तु भारत में प्रसंस्करण केवल 7.7% है जो कि चीन, मलेशिया तथा अमेरिका से काफी कम है। विश्व के किये जाने वाले खाद्य प्रसंस्करण में भारत की हिस्सेदारी केवल 2% है।  भारत में खाद्यान्न के नष्ट होने की दर को कम करने तथा 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के लिए खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।


 हाल ही में वैज्ञानिक ने यह दावा किया है कि जिस देश का अनाज उत्पादन जलवायु परिवर्तन के प्रति सुभेद्य है तथा चरम मौसमी स्थितियों के चलते चावल के उत्पादन में उल्लेखनीय रूप से गिरावट आने की संभावना है- भारत

•    हाल ही में जिस क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने भारत में वित्त वर्ष 2020 में पवन ऊर्जा के क्षेत्र में सुधार की संभावना व्यक्त की है- इक्रा (ICRA)

•    वह देश जिसके राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने भारत के नागरिक शेख मोहम्मद मुनीर अंसारी को स्टार ऑफ यरुशलम से सम्मानित किया है- फिलिस्तीन

•    यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनंतनाग में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए मेजर केतन शर्मा के परिवार को जितने लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है-25 लाख रुपये

•    केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने विदेश व्यापार महानिदेशालय के महानिदेशक आलोक वर्धन चतुर्वेदी का कार्यकाल अगले जितने महीने तक बढ़ा दिया है- तीन महीना

•    जिसे हाल ही में जामनगर कोर्ट द्वारा एक कस्टोडियल डेथ मामले में उम्र कैद की सज़ा सुनाई गई है- संजीव भट्ट

•    हाल ही में जिस यूनिवर्सिटी द्वारा किये गये शोध में पाया गया है कि इस सदी में हिमालय के ग्लेशियर के पिघलने की गति दोगुनी है- कोलंबिया यूनिवर्सिटी

•    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2019 का विषय है-Yoga with Gurus

•    हाल ही में जिस देश की महिला टीम ने सबसे कम स्कोर अर्जित करने का रिकॉर्ड बनाया है- माली

•    जिस राज्य सरकार ने प्राकृतिक आपदा से फसलों को नुकसान पहुंचने पर किसानों के लिए 5,000 रुपये न्यूनतम मुआवज़ा तय किया है- मध्य प्रदेश

पीएम मोदी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आज रांची पहुंचेंगे, जाने योग के फायदे
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  रांची में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2019 कार्यक्रम में हिस्सा लेगें. योग दिवस के मौके पर रांची में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 20 जून 2019 को यहां पहुंचेंगे.

प्रधानमंत्री 21 जून 2019 को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे, जिसे लेकर झारखंड में तैयारियां जोरों-शोरों से चल रही है. कार्यक्रम प्रभात तारा मैदान में आयोजित किया जाएगा. प्रधानमंत्री मोदी मुख्यमंत्री रघुवर दास, मंत्रियों और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों सहित करीब 18 हजार लोगों के साथ योग सत्र में शामिल होंगे.

मानसून को ध्यान में रखते हुए तैयारी करने का निर्देश

झारखंड के मुख्य सचिव डी. के तिवारी ने मानसून को ध्यान में रखते हुए तैयारी करने के निर्देश दिए हैं. राज्य में मानसून 20 जून तक आने की संभावना है. योग प्रदर्शन करने वालों के लिए 40 सेक्टर होंगे और प्रत्येक में 400 से 800 लोग बैठेंगे. आठ मेडिकल हट का भी निर्माण किया जाएगा.

विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) की टीम करेगी निरीक्षण

सुरक्षा के मुद्दों को देखने हेतु एक विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) की टीम यहां पहुंच गई है. रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रभात तारा मैदान में राज्य के करीब चार हजार सुरक्षाकर्मी और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया जाएगा.

स्थानीय लोग में काफी उत्साह

प्रधानमंत्री मोदी को अपने साथ योग करते देखने के लिए स्थानीय लोग काफी उत्साहित हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि पूरी दुनिया योग करे, निरोग रहे, योग्य बने और मानव कल्याण में अपनी महती भूमिका निभाये. प्रधानमंत्री मोदी ने योग का पूरे विश्व में व्यापक प्रचार-प्रसार किया है. वर्तमान समय में शारीरिक, मानसिक और आर्थिक संतुलन बनाए रखने में योग अपनाना महत्वपूर्ण है.

योग दिवस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 27 सितम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाये जाने की सिफारिश की गयी थी. इसके उपरांत 11 दिसम्बर 2014 संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा इस प्रस्ताव को पारित करके प्रत्येक वर्ष इस दिन यह दिवस मनाये जाने की घोषणा की गयी. अमेरिका, कनाडा, चीन एवं मिस्र सहित 177 देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया.

योग के फायदे

विभिन्‍न प्रकार की स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं को दूर करने के लिए योग के फायदे जाने जाते हैं. योग न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य को भी बढ़ावा देता है. योग आपके शरीर को फिट रखने का सबसे अच्‍छा तरीका हो सकता है. योग के सबसे प्रमुख लाभों में वजन को नियंत्रित करना, मांसपेशियों को मजबूत करना, हृदय स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा देना, ऊर्जा बढ़ाना आदि शामिल हैं.


राष्ट्रपति ने संसद के संयुक्त सत्र को किया संबोधित, जाने 10 महत्वपूर्ण बातें

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 20 जून 2019 को संसद के दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित किया. राष्ट्रपति ने संसद को संबोधित करते हुए कहा कि संसद को संबोधित करते हुए खुशी हो रही है. उन्होंने कहा की इस चुनाव की सफलता के लिए सभी मतदाता बधाई के पात्र है.

उन्होंने कहा कि ये विकास यात्रा को आगे बढ़ाने का जनादेश है. साल 2014 से पहले निराशा का माहौल था. आपके अनुभव से सब समृद्ध होगा. देश के हरेक व्यक्ति को समृद्ध करना हमारी सरकार का लक्ष्य है. यह विश्वास 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' पर आधारित है. सरकार के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है.

राष्ट्रपति द्वारा संसद में संबोधित किये गए 10 महत्वपूर्ण बातें

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि देश के लोगों ने मूलभूत सुविधाओं के लिए भी बहुत लंबे समय तक इंतजार किया, लेकिन अब स्थितियां बदल रही हैं. देश के प्रत्येक व्यक्ति को सशक्त करना मेरी सरकार का ध्येय है.

सरकार अब मूलभूत आवश्यकताओं को पूरी करते हुए उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सशक्त, सुरक्षित और सर्वसमावेशी भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही है. नए भारत की परिकल्पना सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास से प्रेरित है.

राष्ट्रपति ने कहा कि साल 2022 में आजादी के 75वें साल में अब नए भारत के कई मुख्य लक्ष्य हासिल कर चुके होंगे. नए भारत के पथ पर शहरी भारत और ग्रामीण भारत दोनों का विकास होगा. मेरी सरकार ने 21 दिन के कम समय में ही किसान, जवान, महिलाओं हेतु काम करना शुरू कर दिया है.

राष्ट्रपति ने जल संकट को 21वीं सदी की सबसे बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि जलस्रोत सूख रहे हैं और यह संकट गहराता जा रहा है. देशवासी स्वच्छ भारत की तरह जल प्रबंधन को लेकर भी दिखाएं. सरकार ने नए जलशक्ति मंत्रालय का गठन किया है जिसके दूरगामी लाभ होंगे. कृषि क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाने हेतु लगातार निवेश किया जा रहा है और साल 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की योजना है.

राष्ट्रपति ने कहा कि किसान सम्मान निधि पर हरेक साल 90 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, कृषि उपज और ग्रामीण भंडारण की सुविधा दी जाएगी. किसानों को लाभ पहुंचाने हेतु किसान उत्पादक संघ बनाने का लक्ष्य रखा गया है.

राष्ट्रपति ने कहा कि आज भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है. उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन के लिए MSME सेक्टर अहम भूमिका निभा रहा है.

राष्ट्रपति ने कहा कि सुशासन सुनिश्चित करने से भ्रष्टाचार कम होता है और मेरी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टोलरेंस की नीति की ओर व्यापक बनाएगी. ह्यमन इंटरफेस को कम करने के लिए तकनीक का ज्यादा इस्तेमाल किया जाएगा. कालेधन पर लगाम लगाने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे. लोकपाल की नियुक्ति से भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी. भगोड़ों को देश लाने के लिए प्रत्यर्पण संधि हुई हैं.

राष्ट्रपति ने कहा कि समृद्ध भारत के निर्माण में इन्फ्रास्ट्रक्चर की भूमिका अहम है. वेस्ट मेटेरियल का इस्तेमाल भी सड़क निर्माण में किया जा रहा है और इससे रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेगे. गांव, पूर्वोत्तर और आदिवासी इलाकों में भी कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. भारत माला प्रजोक्ट के तहत साल 2022 तक 35 हजार किलोमीटर रोड बनने हैं.

राष्ट्रपति के अनुसार देश की सेनाओं को आधुनिक और मजबूती देने के लिए सरकार प्रयासरत है. राफेल और अपाचे विमान जल्द ही हमारी वायुसेना का हिस्सा होंगे. उन्होंने कहा कि नेशनल वॉर मेमोरियल शहीदों को राष्ट्र की श्रद्धांजलि है, पुलिस मेमोरियल भी इसी की एक मिसाल है.

राष्ट्रपति ने कहा कि मेरी सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है. मेरी सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक के द्वारा यह साबित कर दिया है. आतंकियों और नक्सलियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि अवैध तरीके से दाखिल हुए विदेशी देश के लिए खतरा है और घुसपैठ की समस्या से जूझ रहे इलाकों में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) लागू किया जाएगा. सीमा की सुरक्षा को और सशक्त किया जाएगा ताकि घुसपैठ को रोका जा सके.


गुजरात के बर्खास्त IPS अधिकारी संजीव भट्ट दोषी क़रार, मिली उम्रकैद की सजा
जामनगर कोर्ट ने 20 जून 2019 को गुजरात के बर्खास्त आईपीएस ऑफिसर संजीव भट्ट को 30 साल पहले हिरासत में हुई एक मौत के मामले में दोषी क़रार दिया है. कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है. इस मामले में एक और पुलिस ऑफिसर प्रवीण सिंह झाला को भी दोषी क़रार दिया गया है.

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ़्ते ज़मानत देने से इनकार कर दिया था. संजीव भट्ट चाहते थे कि इस मामले में 11 अतिरिक्त गवाहों से पूछताछ हो. संजीव राजेंद्र भट्ट सुप्रीम कोर्ट में हलफ़नामा दायर करने के बाद सुर्ख़ियों में आ गए थे.

घटना क्या था?

साल 1990 में भारत बंद के दौरान जामनगर में हिंसा हुई थी. उस समय संजीव भट्ट यहां के एसएसपी थे. पुलिस ने हिंसा को लेकर 100 लोगों को गिरफ़्तार किया था. इनमें से प्रभुदास माधवजी की अस्पताल में मौत हो गई थी. प्रभुदास के भाई अमरुत वैष्णवी ने संजीव भट्ट के ख़िलाफ़ मुक़दमा किया था और उन्होंने हिरासत में प्रताड़ाना के आरोप लगाए थे. संजीव भट्ट को साल 2011 में बिना अनुमति के ड्यूटी से नदारद रहने और सरकारी गाड़ियों का दुरुपयोग करने के आरोप में निलंबित किया गया था. उन्हें बाद में अगस्त 2015 में इसी आधार पर बर्खास्त कर दिया गया.

संजीव भट्ट के बारे में:

संजीव भट्ट एक समय में गुजरात कैडर के तेजतर्रार और चर्चित आईपीएस अधिकारी थे. आईआईटी मुंबई से पोस्ट ग्रेजुएट संजीव भट्ट वर्ष 1988 में भारतीय पुलिस सेवा में आए थे. उन्होंने आईआईटी मुंबई से एम टेक किया था. उसके बाद संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में बैठे और सफल हुए. आईपीएस बनने के बाद उन्हें गुजरात कैडर मिला.

संजीव भट्ट दिसंबर 1999 से सितंबर 2002 तक वे राज्य ख़ुफ़िया ब्यूरो में ख़ुफ़िया उपायुक्त के रूप में कार्यरत थे. गुजरात के आंतरिक सुरक्षा से जुड़े सभी मामले उनके अधीन थे. इनमें सीमा सुरक्षा और तटीय सुरक्षा के अतिरिक्त अति विशिष्ट जनों की सुरक्षा भी शामिल थे. वे नोडल ऑफ़िसर भी थे, जो कई केंद्रीय एजेंसियों और सेना के साथ ख़ुफ़िया जानकारियों का आदान-प्रदान भी करते थे.

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरूआत कैसे हुई, भारत के नाम दर्ज रिकॉर्ड
विश्वभर में 21 जून को 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' मनाया जाएगा है. योग भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है. योग न केवल आपके शरीर को रोगों से दूर रखता है बल्कि आपके मन को भी शांत रखने का काम करता है.

योग एक प्राचीन कला है जिसकी उत्पत्ति भारत में करीब 5000 साल पहले हुई थी. पहले समय में, लोग अपने दैनिक जीवन में योग और ध्यान, पूरे जीवनभर स्वस्थ और ताकतवर बने रहने के लिए किया करते थे.

योग दिवस की शुरुआत कैसे हुई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत हुई. प्रधानमंत्री मोदी ने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में एकसाथ योग करने की बात कही थी. इसके बाद महासभा ने 11 दिसंबर 2014 को इस प्रस्ताव को स्वीकार किया और तभी से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अस्तित्व में आया.

योग दिवस 21 जून ही क्यों चुना गया?

दरअसल उत्तरी गोलार्द्ध में 21 जून सबसे लंबा दिन होता है. लिहाजा विश्व के अधिकांश देशों में इस दिन का खास महत्व है. यह दिन आध्यात्मिक कार्यों के लिए भी अत्यंत लाभकारी है. भारतीय मान्यता के अनुसार आदि योगी शिव ने इसी दिन मनुष्य जाति को योग विज्ञान की शिक्षा देनी शुरू की थी. वे इसके बाद आदि गुरु बने. इसीलिए 21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में चुना गया है.

योग शब्द का अर्थ

योग एक आध्यात्मिक प्रकिया है जिसमें शरीर, मन और आत्मा को एक साथ लाने (योग) का कार्य होता है. ‘योग’ शब्द का अर्थ- समाधि अर्थात् चित्त वृत्तियों का निरोध है.

योग दिवस पर भारत के नाम दर्ज रिकॉर्ड

पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया था. भारत ने पहले योग दिवस पर दो शानदार रिकॉर्ड भी बनाए थे. प्रधानमंत्री मोदी ने इस दिन 35 हजार से ज्यादा लोगों के साथ राजपथ पर योग किया था. पहला रिकॉर्ड 35,985 लोगों के साथ योग करना और दूसरा रिकॉर्ड 84 देशों के लोगों द्वारा इस समारोह में हिस्सा लेना.

बाबा रामदेव ने साल 2018 में कोटा में 2.5 लाख लोगों के साथ योग कर विश्व रिकॉर्ड बनया था. दिल्‍ली स्थि‍त अमेरिका के दूतावास में भी योग दिवस के प्रति गजब का क्रेज देखने को मिला था. दूतावास के कर्मियों ने जमकर योगासन किए. भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों ने साल 2018 में 18,000 फीट की ऊंचाई पर लद्दाख के ठंडे रेगिस्तान में सूर्य नमस्कार किया और विश्व रिकॉर्ड बनाया.

विश्व की सबसे छोटी महिला ज्योति आम्गे ने किया योग

योग दिवस से ठीक एक दिन पहले 20 जून 2019 को गीनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज करवाने वालीं विश्व की सबसे छोटी महिला ज्योति आम्गे भी नागपुर में योग करती नजर आयीं.

21 जून को विश्वभर में होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विश्वभर के लोग जो योग का समर्थन करते हैं वे अलग-अलग तरीके से योग कर इस दिन को और भी खास बनाने की कोशिशों में लगे हैं.

ज्योति आम्गे ने अपने योग ट्रेनर के साथ योग के अलग-अलग आसनों को बड़ी सरलता से किया. इस दौरान वहां बड़ी संख्या में लोग भी मौजूद थे. योग के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए उद्देश्य से अलग-अलग देशों में योग से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन होगा.

प्रत्येक साल की तरह इस साल भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों के साथ योगा करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी इस साल झारखंड की राजधानी रांची में आम लोगों के साथ योग करेंगे. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली, चंड़ीगढ़, लखनऊ और देहरादून में योग दिवस के मौके पर योग कर चुके हैं. इस दिवस को लेकर लोगों के अंदर जोश और उत्साह देखने लायक है.

पांचवा योग दिवस

संयुक्त राष्ट्र ने 177 सदस्य देशों की सहमति के बाद 11 दिसम्बर 2014 को एक प्रस्ताव पारित कर 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी. पहली बार साल 2015 में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया. पहली योग दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में शामिल हुए थे. ये पांचवा योग दिवस है जिसे मनाया जाएगा.


ज्योति आम्गे के बारे में

ज्योति आम्गे का जन्म नागपुर में 16 दिसम्बर 1993 को हुआ था. उन्हें एकॉन्ड्रोप्लेसिया यानि बौनेपन की बीमारी थी. ज्योति आम्गे लिम्का बुक ऑफ रिकार्डस और गिनीज बुक ऑफ व‌र्ल्ड रिकार्ड के मुताबिक विश्व की सबसे छोटे कद की महिला हैं. विश्व की सबसे छोटी महिला ज्योति आम्गे नागपुर की रहने वाली हैं. उन्हें अठारह साल की उम्र में विश्व की सबसे छोटी कद की महिला होने का खिताब मिला था.

योग के लाभ

योग से कई फायदे है. योग से कई गंभीर बीमारियों में राहत मिलती है. इससे शुगर, गठिया, ब्लड प्रेशर, पेट की बीमारियों और अस्थमा तक में काफी लाभ होता है.
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