✔️चर्चा में क्यों?
संयुक्त राष्ट्र (United Nations- UN) द्वारा हाल ही में जनसंख्या आधारित एक अध्ययन की रिपोर्ट जारी की गई है, जिसके अनुसार वर्ष 2050 तक पृथ्वी पर मानव की कुल आबादी 9.7 बिलियन हो जाएगी और वर्ष 2100 तक यह संख्या 11 बिलियन तक पहुँच जाएगी। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है की मात्र 8 वर्षों (यानि वर्ष 2027) में भारत चीन को जनसंख्या के मामले में पीछे छोड़ देगा और विश्व का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बन जाएगा।
✔️मुख्य बिंदु :
भारत सहित नाइज़ीरिया, पाकिस्तान, कांगो, इथियोपिया, तंज़ानिया, इंडोनेशिया, मिस्र और अमेरिका जैसे तमाम देश उन देशों की सूची में हैं जो भविष्य में बहुत अधिक जनसंख्या वृद्धि अनुभव करेंगे। इस सूची में भारत शीर्ष स्थान पर है।
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2019 से 2050 के बीच भारत की जनसंख्या में 273 मिलियन वृद्धि होने की संभावना है।
UN के अनुसार वर्ष 2050 तक विश्व की 16 प्रतिशत जनसंख्या 65 वर्ष से अधिकम उम्र की होगी जबकि अभी यह सिर्फ 9 प्रतिशत ही है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वर्ष 2050 में विश्व के 426 मिलियन लोग 80 वर्ष की उम्र से अधिक होंगे जबकि वर्तमान में केवल 143 मिलियन लोग ही ऐसे हैं जिनकी उम्र 80 वर्ष से अधिक है।
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 1990 से 2019 के बीच प्रजनन दर में भी लगभग 78 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। जहाँ एक ओर वर्ष 1990 में यह दर 3.2 थी वहीं वर्ष 2019 में यह 2.5 दर्ज की गई है। शोधकर्त्ताओं का मानना है कि वर्ष 2050 तक इस दर में और अधिक गिरावट आएगी।
अध्ययन के अनुसार बांग्लादेश, नेपाल और फिलीपींस जैसे देशों में होने वाले जनसंख्या परिवर्तन का मुख्य कारण बाहरी पलायन है।
हालाँकि रिपोर्ट में इस बात को भी स्पष्ट किया गया है कि विश्व जनसंख्या की वृद्धि दर 2 साल व्यक्त किये गए पूर्वानुमान से कम होगी। ज्ञातव्य है कि UN ने 2 साल पहले वर्ष 2017 में भी ऐसी ही एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमे यह दावा किया गया था कि वर्ष 2050 में विश्व की कुल जनसंख्या 7.7 बिलियन होगी और वर्ष 2100 में 11.2 बिलियन।







