विश्व बाल श्रम निषेध दिवस 2019 का विषय है – बच्चों को फील्ड में नहीं सपनों पर काम करना चाहिए. प्रत्येक वर्ष 12 जून को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस मनाया जाता है. बाल मज़दूरी के खिलाफ जागरूकता फैलाने और 14 साल से कम उम्र के बच्चों को इस काम से निकालकर उन्हें शिक्षा दिलाने के उद्देश्य से इस दिवस की शुरुआत साल 2002 में 'द इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन' की ओर से की गई थी.
भारत में भी सरकारी प्रतिष्ठानों एवं विभिन्न एजेंसियों द्वारा बाल श्रम के विरुद्ध दिवस एवं जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे. मध्य प्रदेश में बाल मजदूरी (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के प्रावधानों की जानकारी दुकानदारों एवं आम लोगों को दी जाएगी. इस अभियान में अधिकारी एवं टॉस्क फोर्स के सदस्य मौजूद रहेंगे.
भारत में बालश्रम से संबधित रिपोर्ट
• बाल श्रम के खिलाफ कार्यरत संगठन बचपन बचाओ आंदोलन(बीबीए) की रिपोर्ट कहती है कि भारत में लगभग सात से आठ करोड़ बच्चे अनिवार्य शिक्षा से वंचित हैं.
• इस आंकड़े में अधिकतर बच्चे् संगठित अपराध रैकेट (organised crime rackets) का शिकार होकर बाल मजदूरी के लिए मजबूर किए जाते हैं जबकि बाकी बच्चे गरीबी के कारण स्कू ल नहीं जा पाते हैं.
• वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में 5 से 14 साल के 25.96 करोड़ बच्चों में से 1.01 करोड़ बाल श्रम के शिकार हैं.
• अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) की रिपोर्ट के अनुसार, विश्वभर में लगभग 15.2 करोड़ बच्चे बाल श्रम के लिए मजबूर हैं. इनमें से अधिकांश बच्चेब बदतर हालात में काम कर रहे हैं.
भारत के संविधान में बालश्रम के विरुद्ध प्रावधान
• बाल श्रम (निषेध व नियमन) कानून 1986 - यह कानून 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी अवैध पेशों और 57 प्रक्रियाओं में, जिन्हें बच्चों के जीवन और स्वास्थ्य के लिए अहितकर माना गया है, नियोजन को निषिद्ध बनाता है. इन पेशों और प्रक्रियाओं का उल्लेख कानून की अनुसूची में है.
• फैक्टरी कानून 1948 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के नियोजन को निषिद्ध करता है. भारत में बाल श्रम के खिलाफ कार्रवाई में महत्वपूर्ण न्यायिक हस्तक्षेप 1996 में उच्चतम न्यायालय के उस फैसले से आया, जिसमें संघीय और राज्य सरकारों को खतरनाक प्रक्रियाओं और पेशों में काम करने वाले बच्चों की पहचान करने, उन्हें काम से हटाने और उन्हें गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया गया था.
2019 का विषय: Children shouldn’t work in fields, but on dreams
अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने वर्ष 2019 के लिए Children shouldn’t work in fields, but on dreams विषय निर्धारित किया है. इसका अर्थ है बच्चों को फील्ड में नहीं बल्कि अपने सपनों पर काम करना चाहिए. वर्ष 2019 में अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) सामाजिक न्याय को आगे बढ़ाने और सभ्य काम को बढ़ावा देने के 100 साल मना रहा है. इस वर्ष के विषय का उद्देश्य बच्चों को श्रम संस्थानों से निकालकर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर देना है.
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इसरो द्वारा चंद्रयान-2 को 15 जुलाई को लॉन्च किये जाने की घोषणा
इसरो (ISRO) ने चंद्रयान-2 के प्रक्षेपण की तारीख और समय की घोषणा कर दी है. ISRO की ओर जारी जानकारी के अनुसार चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण 15 जुलाई तड़के 2.51 बजे किया जायेगा. इसरो के मुताबिक GSLV मार्क 3 रॉकेट 15 मिनट में ऑर्बिटर को पृथ्वी की ध्रुवीय कक्षा में स्थापित कर देगा.
भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी (इसरो) ने चंद्रयान-2 मिशन की पहली तस्वीरें जारी की हैं. यह उम्मीद लगाई जा रही है कि चंद्रयान-2 को 9 से 16 जुलाई के बीच छोड़ा जाएगा. चंद्रयान-2 में एक भी पेलोड विदेशी नहीं है. इसके सभी हिस्से पूरी तरह से स्वदेशी हैं, जबकि, चंद्रयान-1 के ऑर्बिटर में 3 यूरोप और 2 अमेरिका के पेलोड्स थे.
भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो द्वारा 11 वर्ष बाद चंद्रमा की सतह को खंगालने के लिए तैयारी की जा रही है. इसरो द्वारा उम्मीद जताई गई है कि चंद्रयान-2 चंद्रमा पर 6 सितंबर को दक्षिणी ध्रुव के पास उतरेगा. इसरो के अध्यक्ष के. सिवन ने पिछले दिनों कहा था कि छह सितंबर को चंद्रमा पर लैंडिंग की संभावना है. उन्होंने कहा था, “एक खास स्थान पर लैंडिंग होने जा रही है, जहां पर इससे पहले कोई नहीं पहुंचा है.”
इसरो द्वारा जारी जानकारी के अनुसार चंद्रयान-2 दूसरा चंद्र अभियान है और इसमें तीन मॉडयूल हैं ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान). भारत ने चंद्रयान-1 को 22 अक्टूबर 2008 को लांच किया था, जिसके एक दशक बाद 800 करोड़ रुपये की लागत से चंद्रयान-2 को लांच किया जायेगा.

मिशन की अवधि और अन्य तथ्य
अवधि: ऑर्बिटर- 1 साल, लैंडर (विक्रम)- 15 दिन, रोवर (प्रज्ञान)- 15 दिन
भार: ऑर्बिटर- 2379 किलो, लैंडर (विक्रम)- 1471 किलो, रोवर (प्रज्ञान)- 27 किलो
मिशन का कुल वजनः 3877 किलो
ऑर्बिटरः चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर चांद से 100 किमी ऊपर स्थापित किया जायेगा. यह चक्कर लगाते हुए लैंडर और रोवर से प्राप्त जानकारी को इसरो सेंटर पर भेजेगा. इसमें 8 पेलोड हैं. साथ ही इसरो से भेजे गए कमांड को लैंडर और रोवर तक पहुंचाएगा. इसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने बनाकर 2015 में ही इसरो को सौंप दिया था.
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लैंडर (विक्रम ): इसरो द्वारा लैंडर का नाम इसरो के संस्थापक और भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया है. इसमें 4 पेलोड हैं. यह 15 दिनों तक वैज्ञानिक प्रयोग करेगा. इसकी शुरुआती डिजाइन इसरो के स्पेस एप्लीकेशन सेंटर अहमदाबाद ने बनाया था. बाद में इसे बेंगलुरु के यूआरएससी ने विकसित किया. रूस के मना करने पर इसरो ने स्वदेशी लैंडर बनाया है.
रोवर (प्रज्ञान): यह एक रोबोट है और 27 किलोग्राम वजनी इस रोबोट पर ही पूरे मिशन की जिम्मदारी होगी. इस रोबोट में दो पेलोड हैं. चांद की सतह पर यह करीब 400 मीटर की दूरी तय करेगा. इस दौरान यह विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोग करेगा. फिर चांद से प्राप्त जानकारी को विक्रम लैंडर पर भेजेगा. लैंडर वहां से ऑर्बिटर को डाटा भेजेगा. फिर ऑर्बिटर उसे इसरो सेंटर पर भेजेगा. इस पूरी प्रक्रिया में करीब 15 मिनट लगेंगे. अर्थात यह कहा जा सकता है कि प्रज्ञान रोबोट से भेजी गई जानकारी को भारत में मौजूद इसरो सेंटर तक आने में लगभग 15 मिनट लगेंगे.
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भाजपा संसदीय दल कार्यकारी समिति का गठन: अमित शाह, प्रह्लाद जोशी, अर्जुन राम मेघवाल को विशेष स्थान
भारतीय जनता पार्टी द्वारा 12 जून 2019 को संसदीय दल की कार्यकारी समिति का गठन किया गया. इस संसदीय दल में गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है. लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दल के नेता और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह उपनेता होंगे. जबकि राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत नेता और रेलमंत्री पीयूष गोयल उपनेता बनाए गए हैं.
महिला सांसदों को निर्देशित करने के लिए तीन महिलाओं को व्हिप बनाया गया है. इसमें शोभा करंदलाजे, रंजनाबेन भाटी और लॉकेट चटर्जी के नाम शामिल हैं. राज्यसभा में विशेष आमंत्रित सदस्यों में जेपी नड्डा, ओमप्रकाश माथुर, निर्मला सीतारमण, धर्मेंद्र प्रधान और प्रकाश जावडेकर के नाम हैं.भारतीय जनता पार्टी की संसदीय दल कार्यकारिणी की सूची इस प्रकार है:
भाजपा संसदीय दल कार्यकारी समिति
संसदीय दल के नेता- नरेंद्र मोदी
राष्ट्रीय अध्यक्ष- अमित शाह
लोकसभा में पार्टी के उपनेता- राजनाथ सिंह
सरकारी चीफ व्हिप- प्रहलाद जोशी
सरकारी उप चीफ व्हिप- अर्जुन राम मेघवाल
राज्यसभा में पार्टी के नेता- थावर चंद गहलोत
राज्यसभा में पार्टी के उपनेता- पीयूष गोयल
पार्टी चीफ व्हिप- लोकसभा- डॉ. संजय जायसवाल
पार्टी चीफ व्हिप- राज्यसभा- भूपेंद्र यादव
कोषाध्यक्ष- गोपाल शेट्टी
विशेष आमंत्रित- लोकसभा
नितिन गडकरी
रविशंकर प्रसाद
अर्जुन मुंडा
नरेंद्र सिंह तोमर
स्मृति ईरानी
जुएल ओराम
विशेष आमंत्रित- राज्यसभा
जेपी नड्डा
ओम प्रकाश माथुर
निर्मला सीतारमण
धर्मेन्द्र प्रधान
प्रकाश जावडेकर
भाजपा संसदीय दल कार्यालय प्रभारी- कैलाश विजयवर्गीय
भाजपा संसदीय दल कार्यालय सचिव- बालासुब्रमण्यम कामार्सु
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करेंट अफेयर्स एक पंक्ति में: 12 जून 2019
जागरणजोश.कॉम पाठकों की सुविधा हेतु प्रतिदिन के करेंट अफेयर्स से सम्बंधित जानकारी को संक्षिप्त रूप में करेंट अफेयर्स एक पंक्ति शीर्षक से नए रूप में प्रस्तुत कर रहा है.
• इसरो द्वारा जारी चंद्रयान-2 की तस्वीरों में लैंडर का नाम बताया गया है – विक्रम
• अरुणाचल प्रदेश में जिस लापता विमान के मलबे को देखा गया है – AN-32
• वह राज्य जिसने बुजुर्ग माता-पिता की सेवा नहीं करने पर जेल जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है - बिहार
• वर्ष 2019 में इस तारीख को गंगा दशहरा मनाया जा रहा है – 12 जून
• विश्व का वह शहर जहां G-20 मंत्रिस्तरीय शिखर सम्मेलन का समापन हुआ है – टोक्यो
• विश्व बैंक ने हाल ही में जारी वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में 2019-20 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर इतना रहने का अनुमान लगाया है – 7.5 प्रतिशत
• डेनमार्क में हुए आम चुनावों में जिसे बहुमत से सत्ता प्राप्त हुई है – रेड ब्लॉक
• भारतीय मूल के वह व्यक्ति जिन्हें इस साल के ग्लोबल लीडरशिप अवार्ड के लिये चुना गया है – सुंदर पिचाई
• वह राज्य जहां सदियों पुराना ग्रामीण त्योहार वलसा देवरालु मनाया जा रहा है - आन्ध्र प्रदेश
• वर्ष 2019 को मनाये जा रहे विश्व बाल श्रम निषेध दिवस का विषय है - Children shouldn’t work in fields, but on dreams
• मोदी सरकार द्वारा इन्हें हाल ही में चीफ व्हिप बनाया गया है – प्रहलाद जोशी
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विश्व बाल श्रम निषेध दिवस (World day against child labour) मनाया गया
Date 2019-06-12 : हाल ही में, 12 जून 2019 को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस मनाया गया। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस 2019 का विषय है – बच्चों को फील्ड में नहीं सपनों पर काम करना चाहिए। प्रत्येक वर्ष 12 जून को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस मनाया जाता है। बता दे की बाल मज़दूरी के खिलाफ जागरूकता फैलाने और 14 साल से कम उम्र के बच्चों को इस काम से निकालकर उन्हेंक शिक्षा दिलाने के उद्देश्या से इस दिवस की शुरुआत साल 2002 में “द इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन” की ओर से की गई थी।भारत में भी सरकारी प्रतिष्ठानों एवं विभिन्न एजेंसियों द्वारा बाल श्रम के विरुद्ध दिवस एवं जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे। मध्य प्रदेश में बाल मजदूरी (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के प्रावधानों की जानकारी दुकानदारों एवं आम लोगों को दी जाएगी। इस अभियान में अधिकारी एवं टॉस्क फोर्स के सदस्य मौजूद रहेंगे। बाल श्रम के खिलाफ कार्यरत संगठन बचपन बचाओ आंदोलन(बीबीए) की रिपोर्ट कहती है कि भारत में लगभग सात से आठ करोड़ बच्चे अनिवार्य शिक्षा से वंचित हैं।
इस आंकड़े में अधिकतर बच्चे् संगठित अपराध रैकेट (organised crime rackets) का शिकार होकर बाल मजदूरी के लिए मजबूर किए जाते हैं जबकि बाकी बच्चे गरीबी के कारण स्कू ल नहीं जा पाते हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में 5 से 14 साल के 25।96 करोड़ बच्चों में से 1।01 करोड़ बाल श्रम के शिकार हैं। वहीँ अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) की रिपोर्ट के अनुसार, विश्वभर में लगभग 15।2 करोड़ बच्चे बाल श्रम के लिए मजबूर हैं। इनमें से अधिकांश बच्चेब बदतर हालात में काम कर रहे हैं।







