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💕राजस्थान के सबसे गर्म महिने मई - जुन है तथा ठण्डे महिने दिसम्बर - जनवरी है।
💕राजस्थान का सबसे गर्म व ठण्डा जिला - चुरू
💕राजस्थान का सर्वाधिक दैनिक तापान्तर पश्चिमी क्षेत्र में रहता है।
💕राजस्थान का सर्वाधिक दैनिक तापान्तर वाला जिला -जैसलमेर
💕राजस्थान में वर्षा का औसत 57 सेमी. है जिसका वितरण 10 से 100 सेमी. के बीच होता है। वर्षा का असमान वितरण अपर्याप्त और अनिश्चित मात्रा हि राजस्थान में हर वर्ष सुखे व अकाल का कारण बनती है।
💕राजस्थान में वर्षा की मात्रा दक्षिण पूर्व से उत्तर पश्चिम की ओर घटती है। अरब सागरीय मानसुन हवाओं से राज्य के दक्षिण व दक्षिण पूर्वी जिलों में पर्याप्त वर्षा हो जाती है।
💕राज्य में होने वाली वर्षा की कुल मात्रा का 34 प्रतिशत जुलाई माह में, 33 प्रतिशत अगस्त माह में होती है।
💕जिला स्तर पर सर्वाधिक वर्षा - झालावाड़(100 सेमी.)
💕जिला स्तर पर न्यूनतम वर्षा - जैसलमेर(10 सेमी.)
💕राजस्थान में वर्षा होने वाले दिनों की औसत संख्या 29 है।
💕वर्षा के दिनों की सर्वाधिक संख्या - झालावाड़(40 दिन), बांसवाड़ा(38 दिन)
💕वर्षा के दिनों की न्यूनतम संख्या - जैसलमेेर(5 दिन)
💕राजस्थान का सर्वाधिक वर्षा वाला स्थान - माउण्ट आबु(120-140 सेमी.) है यहीं पर वर्षा के सर्वाधिक दिन(48 दिन) मिलते हैं।
💕वर्षा के दिनों की संख्या उत्तर पश्चिम से दक्षिण पूर्व की ओर बढ़ती है।
💕राजस्थान में सबसे कम आर्द्रता - अप्रैल माह में
💕राजस्थान मे सबसे अधिक आर्द्रता - अगस्त माह में
💕राजस्थान में सबसे सम तापमान - अक्टुबर माह में रहता है।
💕सबसे कम वर्षा वाला स्थान - सम(जैसलमेर) 5 सेमी.
💕राजस्थान को 50 सेमी. रेखा दो भागों में बांटती है। 50 सेमी. वर्षा रेखा की उत्तर-पश्चिम में कम होती है। जबकि दक्षिण पूर्व में वर्षा अधिक होती है।
💕यह 50 सेमी. मानक रेखा अरावली पर्वत माला को माना जाता है।
💕राजस्थान में सर्वाधिक आर्द्रता वाला जिला झालावाड़ तथा न्यूनतम जिला जैसलमेर है। राजस्थान में सर्वाधिक आर्द्रता वाला स्थान माउण्ट आबू तथा कम आर्द्रता फलौदी(जोधपुर) है।
💕राजस्थान में सर्वाधिक ओलावृष्टि वाला महिना मार्च-अप्रैल है तथा सर्वाधिक ओलावृष्टि उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में होती है तथा सर्वाधिक ओलावृष्टि वाला जिला जयपुर है।
💕राजस्थान में हवाऐं पाय पश्चिम व दक्षिण पश्चिम की ओर चलती है।
💕हवाओं की सर्वाधिक गति - जून माह
💕हवाओं की मंद गति - नवम्बर माह
💕ग्रीष्म ऋतु में पश्चिम क्षेत्र क्षेत्र का वायुदाब पूर्वी क्षेत्र से कम होता है।
💕ग्रीष्म ऋतु में पश्चिम की तरफ से गर्म हवाऐं चलती है जिन्हें लू कहते है। इस लू के कारण यहां निम्न वायुदाब का क्षेत्र बन जाता है। इस निम्न वायुदाब की पूर्ती हेतु दुसरे क्षेत्र से (उच्च वायुदाब वाले क्षेत्रों से) तेजी से हवा उठकर आती है जो अपने साथ धुल व मिट्टी उठाकर ले आती है इसे ही आंधी कहते हैं।
💕आंधियों की सर्वाधिक संख्या - श्रीगंगानगर(27 दिन)
💕आंधियों की न्यूनतम संख्या - झालावाड़ (3 दिन)
💕राजस्थान के उत्तरी भागों में धुल भरी आधियां जुन माह में और दक्षिणी भागों में मई माह में आति है।
💕राजस्थान में पश्चिम की अपेक्षा पूर्व में तुफान(आंधी + वर्षा) अधिक आते है।
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