Monday, August 19, 2019

☞   आखिर CORAS है क्या? कैसे ये रेलवे में यात्रियों को सुरक्षा प्रदान करेगा?

भारतीय रेलवे अपनी प्रॉपर्टीज की सिक्योरिटी के लिए अब रिटायर्ड फौजियों की नियुक्ति करेगा. रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स में रेलवे परिसरों की सुरक्षा के लिए यह भर्ती की जाएगी. यहीं आपको बता दें कि इससे पहले इस प्रकार की भर्ती के लिए रेलवे बोर्ड ने अपनी जोन्स के जनरल मैनेजर्स को रेलवे की सिक्योरिटी के कुछ प्रमुख क्षेत्रों में सरकारी सिक्योरिटी के साथ जुड़ने की अनुमति दी थी. इस प्रकार कि एजेंसीज में होम गार्ड, महाराष्ट्र इंडियन सिक्योरिटी इत्यादि शामिल हैं.
नए आदेश के अनुसार इन सबमें कुछ बदलाव किये गए हैं जैसे कि अब सैनिक कल्याण बोर्ड्स के जरिये इसमें रिटायर्ड फौजियों को भी शामिल किया जाएगा. 18 जुलाई को रेलवे ने ये नया आदेश जारी किया था. जनरल मैनेजर्स रिटायर्ड फौजियों को जरूरत पढ़ने पर कभी भी यानी गर्मियों के समय या फेस्टिवल सीजन में नियुक्त कर सकते हैं.
आधिकारिक डाटा के अनुसार, इस समय 76, 563 C और D लेवल के RPF और RPSF (रेलवे प्रोटेक्शन स्पेशल फोर्स) कार्मिक रेलवे के साथ काम कर रहे हैं. ऐसा माना जा रहा है कि अभी भी जिस प्रोटेक्शन स्ट्रेंथ को मंजूरी दी गई है उसमें  15 फीसदी कमी है.

साथ ही आपको बता दें कि अब रेलवे में यात्रियों और रेलवे की सुरक्षा के लिए कमांडों को तैनात किया जाएगा.
पीयूष गोयल रेलवे मंत्री के अनुसार CORAS यानी कमांडो फॉर रेलवे सिक्योरिटी का पहला बैच रेलवे का हिस्सा बन गया है.
आखिर CORAS  है क्या कैसे ये रेलवे में यात्रियों को सुरक्षा प्रदान करेगा?
यह रेलवे सुरक्षा बल के लिए अलग से एक कमांडो यूनिट है. इसका निर्माण रेलवे सुरक्षा बल तथा रेलवे सुरक्षा विशेष बल में से किया गया है. CORAS का गठन रेलवे क्षेत्र के आस-पास किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना और रेलवे की संपत्ति को नुक्सान न पहुचने के लिए किया गया है. यह बल भारतीय रेलवे तथा यात्रियों को पुख्ता सुरक्षा प्रदान करेगा. यानी भारतीय रेल को नक्सली, आतंकी हमले और होस्टेज जैसे हालातों से निपटने के लिए मदद करेगा. अंतर्राष्ट्रीय स्थर पर इनकी ट्रेनिंग होगी. यह टीम पूरी तरह से आधुनिक हथियारों से लैस होगी. यहीं आपको बता दें कि आरपीएफ की आम्र्ड बटालियन आरपीएसएफ यानी रेलवे प्रोटेक्शन सिक्योरिटी फोर्सेज से अलग होगी.
पहले चरण में देशभर में लगभग 1200 कमांडों को तैनात किया जा रहा है. 15 अगस्त, 2019 को इस टीम को रेलवे में शामिल करने की घोषणा की गई है. इन कमांडों को ऐसी जगह तैनात किया जाएगा जहां से अक्सर खतरा बना रहता है.
ऐसा कहा गया है कि छत्तीसगढ़ के जगदलपुर और दंतेवाड़ा, उत्तर-पूर्व राज्यों के संवेदनशील इलाके या फिर जम्मू कश्मीर जैसी जगहों पर इन CORAS को तैनात रखा जाएगा और जरूरत पड़ने पर इनकी मदद ली जाएगी.
इतना ही नहीं कहीं-कहीं क्षेत्रों में नक्सली, आतंकी और उल्फा के हमलों के कारण रेलवे प्रोजेक्ट पूरा नहीं कर पाती है लेकिन अब CORAS कि वजह से प्रोजेक्ट्स को पूरा किया जा सकेगा. इन कमांडों की यूनिफार्म भी खास प्रकार की होगी. इनके पास बुलेट प्रूफ जैकेट और अलग प्रकार का हेलमेट होगा. और साथ ही इनके पास अत्याधुनिक हथियार भी होंगे. CORAS टीम में अधिकतर जवान 30 से 35 साल उम्र के हैं. इनकी ट्रेनिंग एनएसजी, फोर्स वन और ग्रेहाउंड जैसे कमांडो के साथ में हुई है. RPF के लिए अतिआधुनिक कमांडो ट्रेनिंग सेंटर हरियाणा के जगाधरी में बनाया जाएगा.
तो अब आप जान गए होंगे कि रेलवे और यात्रियों कि सुरक्षा के लिए CORAS और रेलवे प्रॉपर्टीज की सिक्योरिटी के लिए अब रिटायर्ड फौजियों की नियुक्ति की जाएगी.

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