Wednesday, July 1, 1970
☞ मेवाड़ पर्व
July 01, 1970
भारत मे त्योहार एवं मेलें
भारत में मेवाड़ का त्योहार 2019 में महान उत्साह के साथ 6 अप्रैल (शनिवार) से 8 अप्रैल (सोमवार) तक मनाया जायेगा।
मेवाड़ का त्योहार हर साल उदयपुर, राजस्थान, भारत के लोगों के द्वारा वसंत ऋतु (ऋतुओं का राजा के आगमन) पर उसके स्वागत में महान जोश और आनंद के साथ मनाया जाता है। यह भारत का विश्व विसारत का दूसरा जीवित सांस्कृतिक त्योहार है, जो उदयपुर में वार्षिक रुप से मनाया जाता है। यह तीन दिनों; 2 अप्रैल से 4 अप्रैल तक चलता है और मजेदार गतिविधियों से भरा होता है। यह भारत के विरासत के शहर उदयपुर में भारत की प्राचीन संस्कृति और परंपरा का नेतृत्व के साथ ही राजस्थान में मेवाड़ की सभी जीवित विरासतों की रक्षा करने के लिए मनाया जाता है।
पर्यटकों के लिए उदयपुर, भारत के प्रसिद्ध मनोरंजक और रुहानी स्थलों में से एक है, जो एक झील, पीचोला के किनारे स्थित है और यह बहुत सुन्दर और आकर्षक पहाड़ियों से घिरा हुआ है। यह बहुत से संरक्षित आश्रयस्थलों या अभ्यारण के लिए प्रसिद्ध है और यहाँ हर साल विश्व विरासत का दूसरा जीवित त्योहार, मेवाड़ त्योहार मनाता है। मेवाड़ त्योहार का समारोह सभी को मेवाड़ की सभी जीवित धरोहरों; जैसे- कला, पारंपरिक गायन, नृत्य्, भोजन, रंगों, सांस्कृतिक विविधता आदि को प्रदर्शित करने का अवसर देता है।
मेवाड़ त्योहार हर साल मेवाड़ क्षेत्र की बहुत सी पारंपरिक, सांस्कृतिक, कालत्मक मनोरंजक गतिविधियों को आयोजित करने के द्वारा मनाया जाता है। हर साल रंगों का एक रंगारंग उत्सव का आयोजन मेवाड़ की जीवित विरासत को मनाने के लिए किया जाता है। लोग इस त्योहार में शामिल होते हैं और मनोरंजन से भरी हुई गतिविधियों का आनंद लेने के लिए भागीदारी करने के साथ ही पेशेवर कलाकारों से स्थानीय कलाओं को सीधे रुप से सीखते हैं।
मेवाड़ में पुरानी कला की शैली का नए रुप में पुनर्निर्माण करने के लिए परंपरागत हस्तकला को आधुनिक और समकालीन शैली के साथ मिलाने के उद्देश्य के साथ विभिन्न सेमिनारों का आयोजन किया जाता है। यह आयोजन ऐतिहासिक कला और शिल्पकला में नए युग में नए विकासों को संभव बनाकर पूरे तीन दिनों के लिए हस्तशिल्पकारों को साथ में रहकर अपने गुणों और कलाओं में नए प्रयासों को दिखाने का अवसर प्रदान करता है। यह त्योहार विरासत संरक्षण की प्रक्रिया को नियमित रखने के उद्देश्य से महाराणा ऑफ मेवाड़ चैरीटेबल फाउंडेशन के द्वारा आयोजित किया जाता है।
अन्य आयोजित उत्सव रंगोली अर्थात् एच.आर.एच ग्रुप ऑफ होटल के माध्यम से भोजन और पेय पदार्थों की रंगीन प्रस्तुति की जाती है। भोजन के सांस्कृतिक, परंपरागत, और रंगीन व्यंजनों को बनाने के लिए वहाँ पेशेवर रसोईये रहते हैं। उत्सव के दौरान तीन दिनों तक पेशेवर लोकगायकों और लोकनृत्यकों के द्वारा लोकगीत और लोकनृत्य का भी प्रदर्शन किया जाता है, जहाँ पूरे भारत वर्ष से पेशेवर कलाकारों को अपनी योग्यता दिखाने के लिए आमंत्रित किया जाता है।
मेवाड़ उत्सव मेवाड़ के लोगों के द्वारा वार्षिक रुप से वसंत ऋतु की शुरुआत का स्वागत करने के लिए मनाया जाता है, जो पूरे भारत में आकर्षण और खुशियाँ बाँटता है। यह उदयपुर के गनगौर त्योहार के साथ मनाया जाता है, जो राजस्थान की महिलाओं के लिए बहुत अधिक महत्व रखता है। वे उत्सव में शामिल होने के लिए पारंपरिक और सांस्कृतिक परिधानों में स्वंय को बहुत अच्छे से तैयार करती है। वे समारोह में आकर्षण पैदा करने के लिए उत्सव के समारोह के दौरान विशेष लोकनृत्य का प्रदर्शन करती है।
इस त्योहार में विभिन्न प्रकार की रस्में और परंपरागत गतिविधियों की भागीदारी होती है। वे भगवान ईसार (भगवान शिव) और माता पार्वती की मूर्ति को कपड़े पहनाते हैं और एक शोभा यात्रा निकालते हैं, जो शहर के विभिन्न भागों से होती हुई गनगौर घाट, पिचोला पर पहुँचती है, जहाँ मूर्ति को विशेष नाव में झील के बीच में पानी में विसर्जन के लिए ले जाया जाता है। गनगौर का त्योहार भगवान शिव और माता पार्वती की जोड़ी को आदर्श जोड़ी मानते हुए, जोड़ियों (पति-पत्नी या प्रेमियों) की मजबूती की मान्यता के साथ मनाया जाता है।
गनगौर का त्योहार विशेष रुप से महिलाएं आदर्श जोड़ी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए मनाती है। देवी-देवताओं को अर्पित करने के लिए विशेष मिठाई घेवर को तैयार किया जाता है और लोगों के बीच में प्रसाद के रुप में वितरित की जाती है। जैसे-जैसे त्योहार की धार्मिक गतिविधियाँ पूरी होती है, सांस्कृतिक उत्सव राजस्थानी लोकनृत्य और लोकगीत आदि के माध्यम से प्रदर्शित की जाने लगती है। यह त्योहार पटाखे और फुलझड़ियों को जलाने के साथ समाप्त होता है, जिसका प्रतिभागियों और लोगों के द्वारा बहुत आनंद लिया जाता है।
उदयपुर शहर के पास महाराणा प्रताप हवाई अड्डे की सुविधा, भारत के किसी भी प्रमुख शहर, जैसे- मुम्बई, दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद, कोलकाता आदि से यहाँ की यात्रा को बहुत आसान बनाती है। भारत के प्रमुख शहरों से उदयपुर शहर के लिए ट्रेन और बस सेवा की भी सुविधा उपलब्ध है।
Advertisement Adnow
Popular Posts of The month
-
Sent fake message of 20 thousand, cheated of 8 thousand from Latest And Breaking Hindi News Headlines, New...
-
Trailer-DCM collides, DCM driver injured from Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अम...
-
चूंकि प्रश्न पिछले वर्ष के प्रश्नपत्रों पर आधारित होते हैं, इसलिए संभावना है कि अभ्यर्थी सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में भारत की जनगणना से कई...
-
Five people were challaned for disturbing the peace. from Latest And Breaking Hindi News Headlines, News I...
-
178 cases of liquor being transported to Bihar in a pickup truck were recovered. from Latest And Breaking ...
-
Alavalpur main road construction gets approval from Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hind...
-
Two bike riders attacked with sharp weapons from Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi |...
-
Police investigating the network of liquor and cattle smugglers from Latest And Breaking Hindi News Headli...
-
10,000 families will get cooking gas through pipeline. from Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यू...







