Sunday, July 5, 1970

☞   प्राचीन भारतीय इतिहास : 17 – महाजनपद

प्राचीन भारतीय इतिहास : 17 – महाजनपद

प्राचीन भारत में अस्तित्व में रही विशाल राज्यों को महाजनपद कहा जाता है। इनका उदय उत्तर वैदिक काल में हुआ। जैन तथा बौद्ध ग्रंथों से इनकी जानकारी मिलती है। इस दौरान विशाल संगठित राज्यों का उदय हुआ। इस काल में बौद्ध और जैन धर्मों की स्थापना हुई। इन महाजनपदों की संख्या 16 थी। बौद्ध ग्रन्थ अंगुत्तर निकाय, महावस्तु और जैन ग्रन्थ भगवती सूत्र में इसका वर्णन मिलता है।
यह जनपद वर्तमान अफ़ग़ानिस्तान से लेकर बिहार तक और हिन्दुकुश से लेकर गोदावरी नदी तक फैले हुए थे बौद्ध ग्रन्थ अंगुत्तर निकाय, महावस्तु और जैन ग्रन्थ भगवती सूत्र में मिलता है। आरंभिक जैन और बौद्ध धर्म की पुस्तकों में महाजनपदों का उल्लेख मिलता है बौद्ध ग्रन्थ अंगुत्तर निकाय, महावस्तु और जैन ग्रन्थ भगवती सूत्र में मिलता है। हालांकि अलग-अलग ग्रंथों में इन राज्यों का नाम अलग-अलग दिया गया है। 16 महाजनपद और उनकी राजधानियां निम्नलिखित हैं:

महाजनपद  उनकी राजधानियां

महाजनपदराजधानी
मगधराजगृह
अवन्तीउज्जयिनी/ महिष्मति
वज्जीवैशाली
कोसलश्रावस्ती
काशीवाराणसी
अंगचंपा
मल्लाकुशिनारा
चेदीसोथिवती
वत्सकोशाम्बी
कुरुहस्तिनापुर
मतस्यविराटनगर
पंचालअहिछेत्र/काम्पिल्य
सूरसेनमथुरा
गंधारतक्षशिला
कम्बोजराजपुरा
अश्मकपोतन

Advertisement Adnow

Popular Posts of The month

Amazon Offers

 
अब पाये सभी सरकारी नौकरी और उनसे जुड़े हुए किसी भी सवालो के जवाब हमारी website पर सबसे पहले