
ICC ने सुपर ओवर के नियम में बड़ा बदलाव किया, बाउंड्री काउंट नियम को किया खत्म
इस नियम को आईसीसी ने खत्म करने के बाद तय किया है कि अब कोई मैच अगर टाई होता है तो उसका परिणाम सुपर ओवर के जरिए ही निकाला जायेगा और ये सुपर ओवर तब तक खेला जायेगा, जब तक कोई टीम दूसरे से ज्यादा रन नहीं बना लेती.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने 14 अक्टूबर 2019 को बड़ा फैसला लेते हुए सेमीफाइनल और फाइनल मैच के नतीजों को तय करने हेतु बाउंड्री काउंट के नियम को समाप्त कर दिया है. आईसीसी ने टाई हुए मैच में ‘बाउंड्री काउंट’ नियम से टीम को विजेता घोषित करने वाले नियम को हटा लिया है.
इस नियम को आईसीसी ने खत्म करने के बाद तय किया है कि अब कोई मैच अगर टाई होता है तो उसका परिणाम सुपर ओवर के जरिए ही निकाला जायेगा और ये सुपर ओवर तब तक खेला जायेगा, जब तक कोई टीम दूसरे से ज्यादा रन नहीं बना लेती.
सुपर ओवर का नियम क्या था?👇
आईसीसी के नियम के अनुसार, यदि किसी नॉकआउट मैच में स्कोर टाई होने के बाद सुपर ओवर में भी दोनों टीमें बराबर स्कोर करती हैं तो फैसला ‘बाउंड्री काउंट’ नियम से होता था. इस नियम के तहत जिस भी टीम ने पूरे मैच में (सुपर ओवर मिलाकर) सबसे ज्यादा बाउंड्री स्कोर की होंगी, वे टीम विजेता घोषित होती थी.
विश्व कप 2019 का मामला👇
पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने 50 ओवरों में 241 रन बनाये थे. इंग्लैंड की पूरी टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए अंतिम गेंद पर 241 रन पर ऑल आउट हो गई थी. मैच टाई रहा तथा फिर फैसला सुपर ओवर से हुआ. सुपर ओवर के नियम के अंतर्गत जिस टीम ने दूसरी पारी में बल्लेबाजी की, उसे ही पहले बल्लेबाजी करने का मौका मिलता है. दोनों टीमों ने सुपर ओवर में भी 15-15 रन बनाये और वो भी टाई रहा. इंग्लैंड ने इस तरह मुख्य पारी और सुपर ओवर में लगाई गई ज्यादा बाउंड्री के आधार पर मैच जीतकर विश्व चैंपियन का खिताब अपने नाम कर लिया था.
इंग्लैंड को विश्व कप फाइनल में न्यूजीलैंड के मुकाबले ज्यादा बाउंड्री लागने के कारण ‘विश्व विजेता’ बना दिया गया था. इस नियम की बहुत ज्यादा आलोचना हुई थी.
यह नियम साल 2009 में बना था👇
आईसीसी ने साल 2009 के बाद प्रत्येक एक टाई मैच का फैसला सुपर ओवर से निकालने का नियम बनाया था. यदि जब सुपर ओवर भी टाई हो जाए तो ‘बाउंड्री काउंट’ नियम बनाया गया था.
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अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस का मुख्य उद्देश्य कृषि विकास, ग्रामीण विकास, खाद्य सुरक्षा तथा ग्रामीण गरीबी उन्मूलन में ग्रामीण महिलाओं के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करना हैं.
विश्वभर में प्रत्येक साल 15 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस मनाया जाता है. विकासशील देशों में करीब 43 फीसदी महिलाएँ कृषि श्रमिक के रूप में कार्य करती हैं तथा खाद्य क्षेत्र से जुड़ी रहती हैं.
अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस का मुख्य उद्देश्य कृषि विकास, ग्रामीण विकास, खाद्य सुरक्षा तथा ग्रामीण गरीबी उन्मूलन में ग्रामीण महिलाओं के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करना हैं. इसका अन्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका और उनके योगदान को सम्मानित करना भी है.
अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस 2019 का विषय ‘Rural Women and Girls Building Climate Resilience’ है. संयुक्त राष्ट्र (यूएन) महासचिव एंटोनियो गुतेरस ने ग्रामीण महिलाओं तथा लड़कियों के अधिकारों की रक्षा की अपील की है. उन्होंने ने सभी देशों के लिए समृद्ध, न्यायसंगत तथा शांतिपूर्ण भविष्य बनाने हेतु ग्रामीण महिलाओं और लड़कियों के सशक्तीकरण को जरूरी बताया है.
अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस के बारे में:👇
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 15 अक्टूबर 2008 को पहला अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस मनाया था. संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इस दिवस को मनाकर ग्रामीण महिलाओं की भूमिका को सम्मानित करने का निर्णय लिया था. संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा इस दिवस को मनाने की घोषणा 18 दिसंबर 2007 को की गई थी. ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं और लड़कियां बहु-आयामी गरीबी से पीड़ित हैं.
पृष्ठभूमि👇
ग्रामीण महिलाएं विकसित तथा विकासशील देशों की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में अहम भूमिका निभाती हैं. केंद्र सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को सशक्त करने हेतु कई योजनाएं शुरू की हैं. इनमें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना भी शामिल है. यह योजना भारत के गरीब परिवारों की महिलाओं के चेहरों पर खुशी लाने के उद्देश्य से लाया गया था. यह योजना केंद्र सरकार द्वारा 1 मई 2016 को शुरू की गई थी. इस योजना के तहत गरीब महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन मिलेंगे.
आनंदधारा योजना ग्रामीण गरीबों हेतु साल 2012 में शुरू की गई एक गरीबी-उन्मूलन कार्यक्रम है जिसे महिला स्वयं सहायता समूहों के जरिए लागू कराया जाता है. ग्रामीण महिलाएँ जो अपने जीवनयापन हेतु कृषि और प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर रहती हैं विश्व की लगभग एक चौथाई जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करती हैं.
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पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती 15 अक्टूबर को पूरे भारत में मनाई जाती है. अब्दुल कलाम ने साल 1962 में इसरो से जुड़ने के बाद सफलतापूर्वक कई उपग्रह प्रक्षेपण परियोजनाओं में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
महान वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की 15 अक्टूबर 2019 को 88वीं जयंती है. वे भारतीय मिसाइल प्रोग्राम के जनक कहे जाते हैं. पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती 15 अक्टूबर को पूरे भारत में मनाई जाती है. अब्दुल कलाम ने साल 1962 में इसरो से जुड़ने के बाद सफलतापूर्वक कई उपग्रह प्रक्षेपण परियोजनाओं में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
अब्दुल कलाम ‘मिसाइल मैन’ के नाम से भी प्रसिद्ध है. एपीजे अब्दुल कलाम भारत के 11वें राष्ट्रपति तथा जाने माने वैज्ञानिक थे. अब्दुल कलाम को बच्चों से खास लगाव था. अपना पूरा जीवन उन्होंने शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र को समर्पित कर दिया था. उन्होंने मुख्य रूप से एक वैज्ञानिक के रूप में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में काम किया था.
एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन से जुड़ी दस मुख्य बातें👇
• एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को रामेश्वरम में हुआ था. उनका पूरा नाम अबुल पाकिर जैनुलअब्दीन अब्दुल कलाम (एपीजे अब्दुल कलाम) था.
• उन्होंने अपनी आरंभिक शिक्षा जारी रखने हेतु अख़बार तक बेचा थे. उन्होंने साल 1950 में मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से अंतरिक्ष विज्ञान में स्नातक की उपाधि प्राप्त की. उन्होंने जिसके बाद भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान में प्रवेश किया था.
• भारत को बैलेस्टिक मिसाइल तथा लॉन्चिंग टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बनाने के वजह से ही एपीजे अब्दुल कलाम का नाम मिसाइल मैन पड़ा था. उन्होंने भारत हेतु पृथ्वी, आकाश, त्रिशूल, नाग, ब्रह्मोस समेत कई मिसाइल बनाईं.
• अब्दुल कलाम ने साल 1974 में भारत द्वारा पहले मूल परमाणु परीक्षण के बाद दूसरी बार साल 1998 में भारत के पोखरण-द्वितीय परमाणु परीक्षण में एक निर्णायक, संगठनात्मक, तकनीकी तथा राजनैतिक भूमिका निभाई. भारत को इस परीक्षण ने परमाणु ताकत बनाया था.
• वे साहित्य में भी खास रुचि रखते थे. उन्होंने कई कविताएं भी लिखीं थीं. उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था. उन्हें ‘भारत रत्न’ सम्मान साल 1997 में मिला था.
• अब्दुल कलाम का जन्म एक गरीब परिवार में हुआ था. गरीबी में जन्में अब्दुल कलाम रेलवे स्टेशन पर अखबार बेचा करते थे. लेकिन उन्होंने अपने हालातों के आगे कभी हिम्मत नहीं हारी और न ही सपनों को मरने दिया.
• कलाम आठ साल की उम्र से ही सुबह चार बचे उठते थे और नहाकर गणित की पढ़ाई करने चले जाते थे. सुबह नहाकर जाने के पीछे मुख्य कारण यह था कि हरेक साल पांच बच्चों को फ्री में गणित पढ़ाने वाले उनके अध्यापक बिना नहाए आए बच्चों को नहीं पढ़ाते थे.
• वे साल 1972 में इसरो से जुड़े. उनको परियोजना महानिदेशक के रूप में भारत का पहला स्वदेशी उपग्रह (एसएलवी तृतीय) प्रक्षेपास्त्र बनाने का श्रेय हासिल हुआ था. उन्होंने साल 1980 में रोहिणी उपग्रह को पृथ्वी की कक्षा के निकट स्थापित किया था.
• उन्हें साल 2002 में भारत का राष्ट्रपति बनाया गया था. वहीं, वे पांच वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद वापस शिक्षा, लेखन तथा सार्वजनिक सेवा में लौट आये थे. एपीजे अब्दुल कलाम पांच भाई एवं पांच बहन थे. इनके पिता नाविक थे तथा मछुआरों को किराये पर नाव दिया करते थे.
• अब्दुल कलाम का 27 जुलाई 2015 को शिलॉंग में निधन हो गया था. वे आईआईएम शिलॉन्ग में लेक्चर देने गए थे. उनका इसी दौरान दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था.
एपीजे अब्दुल कलाम के मुख्य विचार:👇
एपीजे अब्दुल कलाम कहा करते थे की ‘सपने वो नहीं हैं जो आप नींद में देखते हैं, सपने वो हैं जो आपको नींद ही नहीं आने दें’. उनका दूसरा मुख्य विचार ‘अगर आप सूरज की तरह चमकना चाहते हैं तो पहले आपको सूरज की तरह तपना होगा’.
जिम्बाब्वे और नेपाल को जुलाई 2019 में बोर्ड के कामकाज में सरकारी हस्तक्षेप के चलते सदस्यता निलंबित कर दिया गया था. जिम्बाब्वे अब जनवरी 2020 में आईसीसी पुरुष अंडर-19 विश्व कप तथा साल 2020 के आखिर में आईसीसी सुपर लीग में भाग ले पायेगा.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने 14 अक्टूबर 2019 को बोर्ड की बैठक के बाद जिम्बाब्वे और नेपाल को अपने सदस्य के रूप में फिर से शामिल करने का फैसला किया है. जिम्बाब्वे और नेपाल को आईसीसी की सदस्यता बहाल कर दिया गया है.
आईसीसी के अध्यक्ष शशांक मनोहर ने कहा की मैं जिम्बाब्वे क्रिकेट को बहाल करने की वचनबद्धता हेतु जिम्बाब्वे के खेल मंत्री का कृतज्ञता व्यक्त करता हूं. उन्होंने जिम्बाब्वे क्रिकेट के सहयोग हेतु काम करने की उनकी इच्छा स्पष्ट है. उन्होंने आईसीसी बोर्ड की शर्तों का बिना शर्त पालन किया है.
आईसीसी के अध्यक्ष शशांक मनोहर ने साथ ही नेपाल के बारे में कहा की जिम्बाब्वे ने जो प्रगति की है उसे देखने के बाद नेपाल क्रिकेट संघ अब एक योजना तैयार करेगा, जो एसोशिएट मेंबरशिप के अनुसार होगा जिसमें नियंत्रित वित्त पोषण (फंडिंग) भी होगी.
सदस्यता क्यों निलंबित किया गया था?👇
जिम्बाब्वे और नेपाल को जुलाई 2019 में बोर्ड के कामकाज में सरकारी हस्तक्षेप के चलते सदस्यता निलंबित कर दिया गया था. जिम्बाब्वे अब जनवरी 2020 में आईसीसी पुरुष अंडर-19 विश्व कप तथा साल 2020 के आखिर में आईसीसी सुपर लीग में भाग ले पायेगा.
नेपाल को भी फिर से शर्तों के आधार पर सदस्यता दी गई है. नेपाल क्रिकेट संघ की सत्रह (17) सदस्यीय केंद्रीय कार्यकारिणी के चुनाव इस महीने के शुरू में संपन्न हुए जिससे उसकी वापसी का रास्ता साफ हुआ.
आईसीसी द्वारा अन्य घोषणा👇
आईसीसी ने इसके अतिरिक्त आईसीसी महिला प्रतियोगिताओं की पुरस्कार राशि 26 लाख डॉलर तक बढ़ाने का घोषणा किया है. ऑस्ट्रेलिया में साल 2020 होने वाले आईसीसी महिला टी-20 विश्व कप के विजेता को अब दस लाख डॉलर तथा उप विजेता को पांच लाख डॉलर की राशि मिलेगी. यह पुरस्कार 2018 की पुरस्कार राशि से पांच गुना अधिक है.
आईसीसी ने सभी बड़े टूर्नामेंटों हेतु सुपर ओवर के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. इसके अनुसार यदि सेमीफाइनल तथा फाइनल मुकाबले में सुपर ओवर में भी दोनों टीमें समान (equal) रन बनाती है तो फिर से सुपर ओवर होगा. सुपर ओवर मैच तब तक होगा जब तक कोई एक टीम विजेता नहीं बन जाती.
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प्रधानमंत्री मोदी इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले नेता बने
प्रधानमंत्री मोदी को इंस्टाग्राम पर फॉलो करने वालों की संख्या तीन करोड़ पहुंच गई है. प्रधानमंत्री मोदी ने इंस्टाग्राम फॉलोवर्स के मामले में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को भी पीछे छोड़ दिया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले नेता बन गये हैं. प्रधानमंत्री मोदी अब विश्व के सबसे ज्यादा फॉलो किये जाने वाले राजनेता बन गये हैं.
प्रधानमंत्री मोदी को इंस्टाग्राम पर फॉलो करने वालों की संख्या तीन करोड़ पहुंच गई है. प्रधानमंत्री मोदी ने इंस्टाग्राम फॉलोवर्स के मामले में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को भी पीछे छोड़ दिया है.
बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा का ट्वीट👇
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ट्वीट करके कहा की इंस्टाग्राम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फॉलोअर्स की संख्या तीन करोड़ को पार कर गई है. उनके यह युवाओं से जुड़ाव तथा लोकप्रियता का एक और अहम प्रमाण है.
इंस्टाग्राम पर डोनाल्ड ट्रंप और बराक ओबामा के फॉलोअर्स की संख्या👇
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इंस्टाग्राम पर फॉलो करने वालों की संख्या 01 करोड़ 49 लाख है, जबकि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को फॉलो करने वालों की संख्या 02 करोड़ 48 लाख है. प्रधानमंत्री मोदी के इंस्टाग्राम पर फॉलोवर्स की संख्या उनकी लोकप्रियता तथा युवाओं से जुड़ाव और स्नेह को दर्शाती है.
पृष्ठभूमि👇
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी सोशल मीडिया पर खास रूप से सक्रिय रहते हैं. प्रधानमंत्री मोदी को सोशल साइट ‘ट्विटर’ पर भी फॉलो करने वालों की संख्या करोड़ों में है. पीएम मोदी के ट्विटर पर फॉलो करने वालों की संख्या 5.7 करोड़ हैं. फेसबुक पर भी प्रधानमंत्री मोदी को 4.4 करोड़ लोगों ने लाइक किया है.
प्रधानमंत्री मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब से ही माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते आ रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी नियमित तौर पर इंस्टाग्राम पर भी तस्वीरें तथा वीडियो शेयर करते रहते हैं. प्रधानमंत्री मोदी यूट्यूब चैनल पर भी लोकप्रिय हैं. पीएम मोदी के यूट्यूब पर 35 लाख सब्सक्राइबर हैं.
पीएम मोदी के लिंक्डइन पर प्रोफाइल पर भी 30 लाख फॉलोअर्स हैं. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ट्विटर पर सबसे ज्यादा लोकप्रिय नेता हैं. बराक ओबामा को 10.9 करोड़ लोग फॉलो करते हैं. वे नियमित तौर पर इंस्टाग्राम पर भी तस्वीरें तथा वीडियो शेयर करते रहते हैं.
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✅करेंट अफेयर्स एक पंक्ति में: 15 अक्टूबर 2019✅
• वह देश जिसकी ऊर्जा कम्पनी ‘टोटल’ ने ‘अडाणी गैस’ की 37.4 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की है- फ्रांस
• जिस सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रधानमंत्री मोदी विश्व के सबसे अधिक फॉलो किये जाने वाले वैश्विक नेता बन गये हैं- इंस्टाग्राम
• भारतीय नन का यह नाम है जिन्हें हाल ही में पोप फ्रांसिस द्वारा ‘संत’ की उपाधि से सम्मानित किया गया है- मरियम थ्रेसिया
• जिस देश के रहने वाले जोसेफ एंटनी फर्डीनेंड के 218वें जन्मदिवस पर गूगल ने उन्हें एक डूडल समर्पित किया है- बेल्जियम
• हाल ही में जिस भारतीय खिलाड़ी ने डच ओपन बैडमिंटन खिताब जीता है- लक्ष्य सेन
• अमेरिका ने तेल संयत्रों पर ड्रोन हमलों के कारण 'खतरे की बढ़ती आशंका' के मद्देनज़र जिस देश में 3,000 अतिरिक्त सैनिकों को तैनात करने की घोषणा की है- सऊदी अरब
• भारतीय मुक्केबाज़ मंजू रानी ने महिलाओं की वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप्स के 48-किलोग्राम भारवर्ग में जो पदक जीता है- रजत पदक
• विश्व बैंक ने हाल ही में को चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की अनुमानित वृद्धि दर को घटाकर जितने प्रतिशत कर दिया है-6 प्रतिशत
• मृत्युदंड विरोधी दिवस (World Day Against the Death Penalty) जिस दिन मनाया जाता है-10 अक्टूबर
• हाल ही में ऑक्सफैम द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट में जिस राज्य के चाय बागानों में हो रहे श्रमिक अधिकारों के उल्लंघन का वर्णन किया गया है- असम
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✅ एलियुद किपचोगे 2 घंटे की मैराथन दौड़ने वाले पहले एथलीट बने
♻️ टारगेट अड्डा ब्यूरो : केन्या के एलिउड किपचोगे 2 घंटे की मैराथन दौड़ने वाले पहले एथलीट बन गए हैं. उन्होंने एक विशाल वियना पार्क में विशेष रूप से तैयार कोर्स पर इस दो घंटे की दौड़ को पूरा किया. उन्होंने 1 घंटा 59 मिनट 40.2 सेकंड के अनौपचारिक समय के साथ मैराथन समाप्त किया और 2 घंटे से कम समय में मैराथन दौड़ने वाले पहले खिलाड़ी बने.
🌈 एलिउड किपचोगे पहले ही 2 घंटे 01 मिनट 39 सेकंड के समय के साथ दूरी के लिए पुरुषों का विश्व रिकॉर्ड बना चुके हैं, जिसे उन्होंने 16 सितंबर, 2018 को फ्लैट बर्लिन मैराथन में प्राप्त किया था.
✅ लक्ष्य सेन ने BWF वर्ल्ड टूर में अपना पहला खिताब जीता
🌺 भारत के उदीयमान बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने डच ओपन पुरुष एकल के फाइनल में जापान के युसुके ओनोडेरा को हराकर BWF वर्ल्ड टूर में अपना पहला खिताब जीता। विश्व रैंकिंग में 72वें स्थान पर काबिज 18 साल के इस खिलाड़ी ने पहला गेम गंवाने के बाद शानदार वापसी करते हुए 63 मिनट तक चले मुकाबले को 15-21, 21-14, 21-15 से अपने नाम किया।
🅰 TODAY'S TOPIC - NATIONAL DISASTER RESPONSE FUND (NDRF)
संदर्भ
▪️केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) से कर्नाटक और बिहार को 1813.75 करोड़ की अतिरिक्त वित्तीय सहायता मंजूर की है।
▪️इन राज्यों ने पिछले दिनों बताया था कि उनके राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष धन की कमी है जिसके चलते राहत कार्य में देरी हो रही है, अतः NDRF से अतिरिक्त धनराशि मुहैया कराई जाए।
NDRF क्या है???
🔹आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अनुभाग 46 में प्रावधान किया गया NDRF केंद्र सरकार द्वारा प्रबंधित एक ऐसा कोष है जिससे आपदा होने पर राहत एवं पुनर्वास के कार्य के लिए धनराशि खर्च की जाती है।
🔹पहले इस कोष का नाम राष्ट्रीय आपदा आकस्मिक कोष (NCCF) हुआ करता था।
🔹राज्यों को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष अलग से उपलब्ध होता है। पैसा कम पड़ जाने पर NDRF उन्हें अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराता है।
NDRF को पैसा कहाँ से आता है??
⚡️NDRF के लिए धन की व्यवस्था बजट में कुछ वस्तुओं पर लगने वाले उत्पाद एवं सीमा शुल्क पर सेस लगाकर की जाती है।
⚡️वर्तमान में एक राष्ट्रीय आपदा आकस्मिक शुल्क (National Calamity Contingency Duty – NCCD) भी लगाया जा रहा है जिसका पैसा NDRF को जाता है।
⚡️इसके अतिरिक्त आपदा प्रबंधन अधिनियम में यह प्रावधान है कि कोई भी व्यक्ति अथवा संस्था NDRF को वित्तीय योगदान कर सकता है।
⚡️NDRF के लेखा की जाँच भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) करता है।








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