Thursday, October 31, 2019

☞   दोनों कंपनियों पर कुल 40,000 करोड रुपए का कर्ज है।

पब्लिक सेक्टर की दो टेलीकॉम कंपनियों एमटीएनएल (महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड) और बीएसएनएल (भारत संचार निगम लिमिटेड) के विलय को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।

डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस ने बीएसएनएल और एमटीएनएल को घाटे से उबारने के लिए 75000 करोड रुपए के निवेश का प्रस्ताव दिया था जिसे वित्त विभाग द्वारा स्वीकार नहीं किया।

केंद्र सरकार ने .69,000 करोड रूपए के रिवाइवल पैकेज से दोनों कंपनियों का विलय कर उनके पुनरुद्धार का निर्णय लिया गया है।

बीएसएनएल-एमटीएनएल को 4जी स्पेक्ट्रम आवंटित करने और कर्मचारियों के लिए स्पेशल वीआरएस स्कीम को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई।

पब्लिक सेक्टर की दोनों कंपनियों का पूरी तरह विलय होने तक एमटीएनएल, बीएसएनल सब्सिडेयरी के रूप में काम करेगी।

बीएसएनएल की स्थापना 15 सितंबर 2000 को हुई थी वर्तमान में इसके चेयरमैन प्रवीण कुमार पुरवार है।

एमटीएनएल की स्थापना 1 अप्रैल 1986 को हुई थी वर्तमान में इसके चेयरमैन सुनील कुमार है।

दोनों कंपनियों पर कुल 40,000 करोड रुपए का कर्ज है।

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