फेसबुक ने घोषणा की है कि वह 2020 से LIBRA नाम की एक डिजिटल मुद्रा चलाएगी और विश्व-भर में फेसबुक का उपयोग करने वाले करोड़ों लोगों को ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन करने देगा.
LIBRA क्या है?
फेसबुक का कहना है कि Libra एक वैश्विक मुद्रा और वित्तीय अवसंरचना है. दूसरे शब्दों में यह फेसबुक के द्वारा निर्मित एक डिजिटल सुविधा है जो फेसबुक के द्वारा बनाए गये ब्लॉकचेन के साथ-साथ बिटकॉइन और ऐसी अन्य क्रिप्टो मुद्राओं द्वारा प्रयुक्त सुरक्षित प्रौद्योगिकी (encrypted technology) से चलेगी.
LIBRA नाम क्यों पड़ा?
रोम साम्राज्य में भार मापने के लिए लिब्रा नाम की एक इकाई थी. इसी के कारण अंग्रेजी पाउंड को संक्षिप्त रूप से “lb” लिखा जाता है. साथ ही £ प्रतीक भी उसमें जोड़ा जाता है जो और कुछ नहीं “L” का ही एक अलंकृत रूप है.
लिब्रा कौन चलाएगा?
लिब्रा मुद्रा को लिब्रा एसोसिएशन नाम का एक समूह चलाएगा जिसमें कई कम्पनियाँ होंगी. यह एसोसिएशन स्वायत्त और लाभ-रहित संगठन है जिसका मुख्यालय स्विटज़रलैंड होगा.
ब्लॉक चैन क्या होता है?
ब्लॉक चैन तकनीक एक ऐसी तकनीक है जिसमें क्रेता विक्रेता के मध्य सीधा पैसे का स्थानान्तरण किया जाता है. इस ट्रांजेक्शन में किसी भी बिचौलिए की आवश्यकता नहीं होती है.
ब्लॉक चैन वितरित डाटा बेस होती है. इसमें लगातार कई रिकार्ड्स को संधारित किया जाता है जिन्हें ब्लॉक कहते हैं जिसमें प्रत्येक ब्लॉक अपने पूर्व के ब्लॉक से लिंक रहता है.
इस तकनीकी में हजारों कंप्यूटर पर इन्क्रिप्टेड अथवा गुप्त रूप से डाटा सुरक्षित रहता है, इसे पब्लिक लेजर भी कहते हैं.
वर्तमान में दो लोगों के मध्य पैसों का स्थानान्तरण तीसरे पक्ष के माध्यम से ही होता है, यह तीसरे पक्ष जैसे बैंक, पेपाल, मनी ट्रान्सफर आदि होती हैं और हमें इन लेनदेन के लिए सेवा शुल्क अधिक देना होता है, जबकि ब्लॉकचेन में तीसरे पक्ष की आवश्यकता नहीं होती है.
ब्लॉक चैन तकनीक में किये गये ट्रांजेक्शन में बहुत कम समय लगता है.
यह एक डिजिटल खाता है जिसमें लेनदेन और सूचनाओं का स्थायी रिकॉर्ड होता है, जिनको सत्यापित किया जा सकता है.
ब्लॉक चैन मुख्य रूप से बिटक्वाइनऔर इथेरियम जैसी क्रिप्टो करेंसी में इस्तेमाल किया जाता है. इसका प्रयोग दो पक्षों के बीच अन्य समझौतों की गारंटी देने वाले “स्मार्ट कांट्रैक्ट” बनाने में भी हो सकता है.







