Sunday, October 31, 2021

☞   देश-दुनिया : एक दृष्टि में सामयिक घटनाचक्र डेलीडोज 25 अक्टूबर 2019



1. भारत और पाकिस्तान ने करतारपुर कॉरिडोर समझौते पर हस्ताक्षर किये

24 अक्टूबर, 2019 को भारत और पाकिस्तान ने करतारपुर कॉरिडोर समझौते पर हस्ताक्षर किये। इस दौरान विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय तथा पंजाब सरकार के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
★ करतारपुर कॉरिडोर एक दृष्टि में :
इस कॉरिडोर से भारत से गुरुद्वारा दरबार साहिब कर्तापुर की यात्रा करने वाले यात्रियों को सुगमता होगी। इसका प्रस्ताव सर्वप्रथम श्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा 1999 में रखा गया था। यदि इसे दोनों ओर से जोड़ा जाये तो धार्मिक पर्यटन में काफी वृद्धि होगी।
इस कॉरिडोर का निर्माण केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किये गये फंड्स से किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त पाकिस्तान को भी सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को मध्य नज़र रखते हुए, अपने क्षेत्र में कॉरिडोर का निर्माण करने के लिए भी कहा गया था।
करतारपुर साहिब पाकिस्तान में स्थित है, यह भारत के डेरा बाबा नानक श्राइन से 4 किलोमीटर दूर स्थित है। इस कॉरिडोर के द्वारा डेरा बाबा नानक श्राइन तथा करतारपुर साहिब को जोड़ा जायेगा।
★ गुरुद्वारा दरबार साहिब एक दृष्टि में :
यह 16वीं शताब्दी का गुरुद्वारा पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नारोवल जिले में स्थित है। यह पाकिस्तान के पंजाब में भारत-पाक सीमा से 3-4 किलोमीटर दूर स्थित है। इसकी स्थापना सिख धर्म के पहले गुरु द्वारा 1522 में की गयी थी। यह गुरुद्वारा सिख समुदाय के लिए काफी महत्वपूर्ण है, गुरु नानक देव ने इस स्थान पर सिख समुदाय को एकत्रित किया, वे इस स्थान पर 18 वर्षों तक रहे।
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2. भारतीय रेल ने ‘वन टच ATVM’ लांच की

24 अक्टूबर, 2019 को भारतीय रेलवे ने 42 उपनगरीय स्टेशनों में ‘वन टच ATVM (आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन)’ लांच की है। इसका उद्देश्य यात्रियों को तीव्र सेवा प्रदान करना है।
★ विशेषताएं एक दृष्टि में :
• इससे यात्रियों के समय में बचत होगी।
• इससे मुंबई सब-अर्बन नेटवर्क के टिकटिंग सिस्टम पर भार कम होगा।
• इन नयी मशीनों में केवल दो चरणों में ही टिकट प्राप्त किया जा सकता है, पुरानी मशीनों में 6 चरण होते हैं।
• इस मशीन पर प्लेटफार्म टिकट भी प्राप्त होगा।
★ ATVM (आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन) :
• ATVM (आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन) लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करती है।
• इस मशीन को स्मार्ट कार्ड की सहायता से ऑपरेट किया जा सकता है। व्यक्ति को अपना कार्ड स्लॉट में डालना पड़ता है, इसके बाद रूट तथा मंजिल का चयन करना पड़ता है। मशीन डिटेल्स के पुष्टिकरण के बाद टिकट को प्रिंट करती है।
• इस मशीन का मेनू तीन भाषाओँ में उपलब्ध है।
• टिकट जारी करने के बाद कार्ड से पैसे काटे जाते हैं।
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3. ग्लोबल बायो-इंडिया समिट, 2019

भारत में पहली बार ग्लोबल बायो-इंडिया समिट का आयोजन 21 से 23 नवम्बर, 2019 के बीच किया जायेगा। इसका आयोजन BIRAC तथा विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है। इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य देश में निवेश को आकर्षित करना है।
★ महत्व एक दृष्टि में :
• बायोटेक को मेक इन इंडिया 2.0 में एक मुख्य सेक्टर के रूप में चिन्हित किया गया है।
• इस इवेंट का उद्देश्य 30 देशों के स्टेकहोल्डर्स को एकत्रित करना है।
• इसमें 200 एग्जिबिटर तथा 250 से अधिक स्टार्टअप्स हिस्सा लेंगे। इस शिखर सम्मेलन में केन्द्र तथा राज्यों की नियामक संस्थाएं  भी हिस्सा लेंगी। इस शिखर सम्मेलन में लगभग 3500 प्रतिभागी हिस्सा लेंगे।
• भारत के 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बायोटेक्नोलॉजी की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है।
• जीडीपी की वृद्धि दर को बढ़ाने में बायोटेक्नोलॉजी की भूमिका महत्वपूर्ण है।
★ शिखर सम्मेलन के उद्देश्य एक दृष्टि में :
• अनुसन्धान तथा विकास के क्षेत्र में सहयोग व फंडिंग के लिए अवसरों को चिन्हित करना।
• अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों से बड़ी परियोजनाएं आकर्षित करना।
• बायो-एग्रीकल्चर, बायो-एनर्जी, बायो-इंडस्ट्रियल, बायो-मैन्युफैक्चरिंग, बायो-सर्विस इत्यादि सब-सेक्टर पर चर्चा करना।
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4. केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने पुलिस संगठनों के बारे में डाटा जारी किया

हाल ही में केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने 24 अक्टूबर, 2019 को पुलिस संगठनों के बारे में डाटा जारी किये, यह डाटा पुलिस के विश्लेषण के लिए महत्वपूर्ण है।
★ रिपोर्ट के मुख्य बिंदु एक दृष्टि में :
• 2017 से पुलिस कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि हुई है, पुलिस कर्मचारियों की संख्या में 19,686 की वृद्धि हुई है। केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की संख्या में 16,051 की वृद्धि हुई है।
• महिला पुलिस कर्मचारियों की संख्या में 20.95% की वृद्धि हुई है।

 वर्तमान में विभिन्न पदों पर 1,69,550 महिला पुलिस कर्मचारी/अधिकारी कार्यरत्त हैं।
• पुलिस बलों के प्रशिक्षण पर किये जाने वाले व्यय में 20.41% की वृद्धि हुई है।
• पुलिस जनसँख्या अनुपात 192.95 पुलिस कर्मचारी प्रति लाख व्यक्ति है।
• पुलिस कर्मचारियों के लिए 20,149 फैमिली क्वार्टर्स निर्मित किये गये हैं।
• पुलिस स्टेशनों की संख्या 15,579 से बढ़कर 16,422 हो गयी है।
• साइबर पुलिस स्टेशनों की संख्या 84 से बढ़कर 120 हो गयी है।
• निगरानी के लिए 2,10,278 नए सीसीटीव कैमरे स्थापित किये गये हैं।
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5. देश में बर्फीले तेंदुए की जनगणना के लिए प्रथम राष्ट्रीय प्रोटोकॉल को लांच की गयी

अंतर्राष्ट्रीय बर्फीला तेंदुआ दिवस 2019 के अवसर पर केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने देश में बर्फीले तेंदुए की जनगणना के लिए प्रथम राष्ट्रीय प्रोटोकॉल को लांच किया। इसे दिल्ली में Global Snow Leopard and Ecosystem Protection Program (GSLEP) की चौथी स्टीयरिंग कमिटी बैठक में लांच किया गया।  प्रतिवर्ष 23 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय बर्फीला तेंदुआ दिवस मनाया जाता है, इस दिवस का उद्देश्य हिमालयी क्षेत्र में बर्फीले तेंदुए के संरक्षण पर बल देना है। अनुमानों के अनुसार हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख में बर्फीले तेंदुए की जनसँख्या 400 से 700 के बीच है।
★ बर्फीला तेंदुआ (स्नो लेपर्ड) एक दृष्टि में :
बर्फीला तेंदुआ मध्य व दक्षिण एशिया तथा रूस के अल्ताई पर्वत में पाया जाता है। यह आमतौर पर 3000 से 4,500 मीटर की ऊंचाई पर पाया जाता है। यह अपने भोजन के लिए मुख्य रूप से वन्य जीवों पर निर्भर होता है। भारत में यह जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम व अरुणाचल प्रदेश पाया जाता है। अत्याधिक शिकार व आवास के नाश के कारण इसका अस्तित्व खतरे में हैं।
बर्फीले तेंदुए को वन्यजीव (सुरक्षा) अधिनियम, 1972 की प्रथम अनुसूची, अंतर्राष्ट्रीय विलुप्तप्राय प्रजातियों के व्यापार पर सम्मेलन (CITES) के प्रथम परिशिष्ट तथा प्रवासी प्रजाति सम्मेलन (CMS) के प्रथम परिशिष्ट में विलुप्तप्राय प्रजाति के रूप में शामिल किया गया है। सितम्बर, 2017 में अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) ने बर्फीले तेंदुए के स्टेटस को विलुप्तप्राय से बदलकर संकटग्रस्त किया गया है। बर्फीला तेंदुआ पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान का राष्ट्रीय विरासत पशु भी है।
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6. क्रेडिट सुइस्से की ग्लोबल वेल्थ रिपोर्ट 2019

स्विट्ज़रलैंड बेस्ड बहुराष्ट्रीय निवेश बैंक क्रेडिट सुइस्से ने हाल ही में ग्लोबल वेल्थ रिपोर्ट के 10वें संस्करण को जारी किया है। इस रिपोर्ट के द्वारा विश्व में धन संपदा की वृद्धि तथा वितरण को ट्रैक किया गया है।
★ रिपोर्ट के मुख्य बिंदु एक दृष्टि में :
इस रिपोर्ट के मुताबिक विश्व भर में 47 मिलियन लोगों के पास 158.3 ट्रिलियन डॉलर हैं जो कि विश्व की कुल धन सम्पदा का 44% हिस्सा है। जबकि दूसरी ओर 2.88 अरब व्यस्क लोगों के पास केवल 6.3 ट्रिलियन डॉलर की धन सम्पदा है जो कि वैश्विक धन संपदा का 1.8% हिस्सा है। विश्व के 10% सबसे धनी लोगों की सूची में चीन से सबसे अधिक लोग हैं, इसमें दूसरे स्थान पर अमेरिका है।
2010 में चीन में मिलियनेयर्स की संख्या मात्र 38,000 थी, अब यह संख्या 4.4 मिलियन पर पहुँच गयी है। अफ्रीका में 171, लैटिन अमेरिका में 673, भारत में 759, एशियाई प्रशांत क्षेत्र में 7,505, यूरोप में 13,290 तथा उत्तरी अमेरिका में 19,946 मिलियनेयर हैं।
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7. बीएसएनएल बहाली योजना

केन्द्रीय कैबिनेट ने 23 अक्टूबर, 2019 को बीएसएनएल तथा एमटीएनएल के पुनर्जीवन के लिए प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है। इसके लिए 4जी स्पेक्ट्रम का आबंटन किया गया है। एमटीएनएल बीएसएनएल की सब्सिडी के रूप में कार्य करेगा। बीएसएनएल के लिए चार चरणों वाली पुनर्जीवन योजना की घोषणा की गयी है। भारत सरकार ने सोवरिन बांड्स के द्वारा 15,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना भी बनायी है।
★ महत्व एक दृष्टि में :
पिछले कुछ समय से बीएसएनएल और एमटीएनएल घाटे में चल रहे हैं। एमटीएनएल (महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड) एक सरकारी इकाई है, यह नई दिल्ली, मुंबई तथा मॉरिशस में दूरसंचार सेवाएं प्रदान करती है। इसकी स्थापना 1 अप्रैल, 1986 को हुई थी। वर्तमान में एमटीएनएल में 25,000 से अधिक कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। बीएसएनएल का घाटा लगभग 14,000 करोड़ रुपये है, 2018-19 के दौरान बीएसएनएल का राजस्व 19,308 करोड़ रुपये था। जबकि 2019 में एमटीएनएल का घाटा 755 करोड़ रुपये है। गौरतलब है कि इन कंपनियों को अभी अपने कर्मचारियों के वेतन के भुगतान करना भी शेष है। दोनों कंपनियों का कुल ऋण लगभग 40,000 करोड़ रुपये है।
70,000 करोड़ रुपये की विलय

ा ने रांची में तीसरे टेस्ट में 212 रन की पारी खेली तथा 12 पायदान चढकर आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में 10वें स्थान पर पहुंच गये है.
इस सूची में मयंक अग्रवाल 18वें स्थान पर हैं. विराट कोहली तीनों प्रारूपों में नंबर वन बल्लेबाज रह चुके हैं. वहीं गौतम गंभीर टेस्ट और टी-20 में नंबर वन तथा वनडे में आठवें स्थान पर रह चुके हैं.

योजना तथा 4जी स्पेक्ट्रम के द्वारा यह कंपनियां राजस्व का सृजन कर सकती हैं।
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8. राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2019

पंचायती राज मंत्रालय ने 2011-12 से राज्य सरकार द्वारा अनुशंसित पंचायतों को प्रोत्साहन दे रही है। यह पुरस्कार विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन कार्यों के लिए पंचायतों को दिए जाते हैं। इस विभिन्न श्रेणियों में 246 पुरस्कार प्रदान किये गये। विभिन्न श्रेणियों में दिए गये पुरस्कार इस प्रकार हैं:
• दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार श्रेणी में 195 पुरस्कार दिए गये, इस पुरस्कार सार्वजनिक वस्तुओं तथा सेवाओं की डिलीवरी के लिए प्रदान किया गया।
• 20 पंचायतों को नानाजी देशमुख राष्ट्रीय ग्राम सभा पुरस्कार श्रेणी में सममित किया गया, यह पुरस्कार ग्राम सभा द्वारा सामाजिक-आर्थिक विकास के क्षेत्र में किये गये बेहतरीन कार्य के लिए दिया गया है।
• तीन पंचायतों को ग्राम पंचायत डेवलपमेंट प्लान अवार्ड से सम्मानित किया गया।
• 22 पंचायतों को चाइल्ड फ्रेंडली ग्राम पंचायत अवार्ड से सम्मानित किया गया।
• 6 राज्यों को ई-पंचायत पुरस्कार श्रेणी में सम्मानित किया गया।
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9. उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू गुटनिरपेक्ष आन्दोलन के 18वें राष्ट्र प्रमुखों के शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का प्रतिनिधित्व करेंगे

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू  गुटनिरपेक्ष आन्दोलन के 18वें राष्ट्र प्रमुखों के शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का प्रतिनिधित्व करेंगे।
गुट निरपेक्ष आन्दोलन (NAM) शिखर सम्मेलन 2019 का आयोजन अज़रबैजान के बाकू में किया जायेगा। इस शिखर सम्मेलन का आयोजन 25-26 अक्टूबर, 2019 के दौरान किया जायेगा। 18वें NAM शिखर सम्मेलन से पहले मंत्रीस्तरीय बैठकें तथा वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकें आयोजित की जायेंगी।
★ गुट निरपेक्ष आंदोलन एक दृष्टि में :
गुट निरपेक्ष आंदोलन की आन्दोलन 1961 में बेलग्रेड में की गयी थी, इसमें भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु तथा यूगोस्लाविया के राष्ट्रपति जोसिप ब्रोज़ टिटो ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह शीत युद्ध के दौरान अस्तित्व में आया था, इसका उद्देश्य नव स्वतंत्र देशों को किसी गुट (अमेरिका व सोवियत संघ) में शामिल होने के बजाय तटस्थ रखना था। गुट निरपेक्ष आन्दोलन के 120 सदस्य तथा 17 पर्यवेक्षक हैं।
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10. ओडिशा में छोटे किसानों के लिए 16.5 करोड़ डॉलर देगा विश्व बैंक

केंद्र सरकार, ओडिशा सरकार तथा विश्व बैंक ने 24 अक्टूबर 2019 को छोटे किसानों की उत्पादन प्रणालियों को सुदृढ़ करने के लिए 16.5 करोड़ डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं. यह समझौता आमदनी बढ़ाने हेतु उनकी उपज में विविधता लाने तथा बेहतर ढंग से विपणन (मार्केटिंग) में उनकी सहायता करने के लिए ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किये है.
जलवायु परिवर्तन रोधी कृषि हेतु ओडिशा एकीकृत सिंचाई परियोजना को उन ग्रामीण क्षेत्रों में लागू किया जायेगा जहां बार-बार सूखा पड़ने का खतरा रहता है और जो काफी हद तक वर्षा आधारित कृषि पर ही निर्भर रहते हैं.
★ मुख्य बिंदु एक दृष्टि में :
• भारत सरकार जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना के तहत अनेक मिशन कार्यान्वित कर रही है जिनके अंतर्गत जलवायु परिवर्तन से निपटने में सक्षम बेहतरीन कृषि प्रथाओं और प्रौद्योगिकियों को भी अपनाया जाता है.
• सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के तहत साल 2030 तक टिकाऊ कृषि संबंधी लक्ष्यों की प्राप्ति के अनुरूप सरकार से समर्थन प्राप्त करना है.
यह भी पढ़ें:ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में भारत 63वें स्थान पर, जाने विस्तार से
• हाल के वर्षों में जलवायु में व्यापक परिवर्तन ने ओडिशा में कृषि को बहुत बुरी तरह प्रभावित किया है. ओडिशा में अधिक किसान ऐसे हैं जिनके पास दो हेक्टेयर से भी कम भूमि है.
• ओडिशा में ज्यादातर कृषि क्षेत्रों पर खराब मौसम की मार हमेशा पड़ती रहती है.
• ओडिशा में साल 2009 से सूखा पड़ने की स्थिति गंभीर हो गई है क्योंकि पहले जहां प्रत्येक पांच सालों में सूखा पड़ता था, वहीं अब प्रत्येक दो सालों में ही सूखा पड़ जाता है.
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11. सीबीएसई और एनसीईआरटी कक्षा 9 तथा 10 के छात्रों के लिए ‘तमन्ना’ नामक एप्टीट्यूड टेस्ट शुरू करेंगे

केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के अधीन सीबीएसई और एनसीईआरटी कक्षा 9 तथा 10 के छात्रों के लिए ‘तमन्ना’ नामक एप्टीट्यूड टेस्ट शुरू करेंगे। इस ऑनलाइन एप्टीट्यूड टेस्ट को तमन्ना  (Try And Measure Aptitude And Natural Abilities) नाम दिया गया है। इससे छात्रों को सही करियर चुनने में सहायता मिलेगी।
★ तमन्ना’ क्या है?
यह 9वीं तथा 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए ऑनलाइन एप्टीट्यूड टेस्ट है। इससे छात्रों को 11वीं कक्षा में

 प्रवेश करते समय विषय चुनने में आसानी होगी। इस टेस्ट में पास या फेल का परिणाम नहीं आएगा, इस टेस्ट के द्वारा छात्रों को अपनी ताकत और कमजोरियों का पता चल सकेगा।
★ CBSE (Know your aptitude) KYA Exam :
इस परीक्षा के द्वारा शैक्षणिक क्षेत्र में छात्रों की ताकत तथा कमजोरी का मूल्यांकन किया जायेगा। यह परीक्षा इच्छुक छात्रों को स्वैच्छिक रूप से देनी होगी। सीबीएसई ने आरम्भ में देश भर में 9वीं तथा 10वीं कक्षा के 17,000 छात्रों के बीच इस टेस्ट का आयोजन पायलट बेसिस पर किया था।
★ CBSE (Know your aptitude) KYA Exam की पंजीकरण प्रक्रिया :
सीबीएसई के सर्कुलर के अनुसार KYA परीक्षा के लिए 29 जनवरी, 2020 से सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट – cbse.nic.in पर पंजीकरण प्रक्रिया आरम्भ हो जाएगी। छात्र स्कूल की लॉग इन आईडी का उपयोग करके किसी भी कार्यकारी दिवस (वर्किंग डे) पर इस परीक्षा में भाग ले सकते हैं।
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12. 24 अक्टूबर: विश्व पोलियो दिवस

24 अक्टूबर को विश्व पोलियो दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य पोलियो का बारे में जागरूकता फैलाना तथा इसके उन्मूलन के लिए कार्य करना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 1988 में वर्ष 2000 तक पोलियो को समाप्त करने का लक्ष्य रखा था।
★ पोलियो एक दृष्टि में :
पोलियो एक संक्रामक रोग है, यह आमतौर पर पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को प्रभावित करता है। पोलियो का वायरस दूषित जल के द्वारा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैलता है। यह वायरस तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है, इससे कई मामलों में व्यक्ति पक्षाघात भी हो सकता है। हालांकि पोलियो का कोई इलाज नहीं है, परन्तु टीके की सहायता से इसके रोका सकता है।
★ विश्व स्वास्थ्य संगठन एक दृष्टि में :
विश्व स्वास्थ्य संगठन स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर आपसी सहयोग एवं मानक विकसित करने वाली संस्था है। यह संयुक्त राष्ट्र संघ की एक अनुषांगिक इकाई है। इसकी स्थापना 7 अप्रैल 1948 को की गयी थी। इसके 193 सदस्य देश तथा दो संबद्ध सदस्य हैं। इसका उद्देश्य विश्व के लोगो के स्वास्थ्य का स्तर ऊँचा करना है। स्विटजरलैंड के जेनेवा शहर में इसका मुख्यालय स्थित है। भारत भी इसका सदस्य देश है भारत की राजधानी दिल्ली में इसका भारतीय मुख्यालय स्थित है।
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13. गूगल ने दुनिया का सबसे तेज क्वांटम कंप्यूटिंग चिप ‘क्वांटम सुपरिमेसी’ विकसित किया

गूगल (Google) ने दुनिया का सबसे तेज क्वांटम कंप्यूटिंग चिप विकसित करने का दावा किया है. इस चिप का नाम ‘क्वांटम सुपरिमेसी’ (Quantum Supremacy) दिया गया है.
यह दुनिया का मौजूदा सबसे तेज सुपर कंप्यूटर जिस काम को करने में 10 हजार साल लेता है उसे करने में ये नई चिप सिर्फ 200 सेकेंड लेगी. अगर गूगल का यह दावा सही साबित हुआ तो यह खोज कंप्यूटिंग की दुनिया को पूरी तरह बदल देगी.
गूगल ने 23 अक्टूबर को क्वांटम सुपरिमेसी की रिपोर्ट साइंटिफिक जर्नल ‘नेचर’ (Nature) में पब्लिश किया था. इस रिपोर्ट में गूगल ने इस बात का खुलासा किया कि उसने एक नया 54 qubit प्रोसेसर बनाया है जिसे साइकामोर (Sycamore) नाम दिया गया है.
IBM ने गूगल के इस दावे को गलत ठहराने की कोशिश की है. IBM ने कहा है कि खास तरह के कैलकुलेशन करने के लिए सुपर कंप्यूटर को 10000 साल लगेंगे, ऐसा नहीं है. क्योंकि सुपर कंप्यूटर इसी टास्क को सिर्फ 2.5 दिन में परफॉर्म कर सकते हैं.
उल्लेखनीय है कि क्वांटम सुपरिमेसी का कूटबद्ध सॉफ्टेवयर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में तत्काल इस्तेमाल होगा. इससे अधिक कुशल सौर पैनल, दवा बनाने और अधिक तेज गति से वित्तीय लेन-देन में मदद मिलेगी.
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14. कैबिनेट ने दो अतिरिक्त ITBP फोर्स के गठन को मंजूरी दी

कैबिनेट ने हाल ही में दो अतिरिक्त भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) बल के गठन को मंजूरी दे दी है. पिछली कैडर समीक्षा साल 2001 में हुई थी जब फोर्स की संख्या 32,000 थी. आज इस बल में करीब 90000 जवान हैं. इससे फोर्स की दक्षता और कार्य को बेहतर बनाने में सहायता मिलती है.
इस निर्णय के बाद जवान की क्षमता बढेगी तथा ग्रुप ‘ए’ में 60 पद सृजित होंगे तथा गैर सामान्य कैडर में दो पद बढेंगे. इस तरह ग्रुप ‘ए’ में पदों की संख्या 1147 से बढ़कर 1207 हो जायेगी. नये पदों में अतिरिक्त महानिदेशक के 10 पद, महानिरीक्षक के 10 पद, उप महानिरीक्षक के 10 पद, कमांडेंट के 13 पद आदि शामिल हैं.
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15. रोहित शर्मा आईसीसी रैंकिंग में तीनों प्रारूपों में टॉप-10 में पहुंचने वाले तीसरे भारतीय

रोहित शर्मा आईसीसी रैंकिंग (ICC Ranking) में तीनों प्रारूपों में शीर्ष 10 में पहुंचने वाले तीसरे भारतीय हो गये है. रोहित शर्मा से पहले विराट कोहली और गौतम गंभीर यह श्रेय हासिल कर चुके हैं. रोहित शर्म

संपादकीय में अन्तर्दृष्टि :
बैंकिंग तंत्र पर भरोसे को बचायें

25 अक्टूबर 2019

पंजाब एवं महाराष्ट्र सहकारी (पीएमसी) बैंक में हुए घोटाले ने देश के सहकारी बैंकों पर सवाल खड़ा कर दिया है. एक अनुमान के मुताबिक यह घोटाला लगभग 7,000 करोड़ रुपये का है. इस बैंक की 137 शाखाएं छह राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में फैली हुई हैं. इसमें ग्राहकों के 11,617 करोड़ रुपये जमा हैं.

यह देश के पांच प्रमुख शहरी सहकारी बैंकों में शामिल है. पीएमसी बैंक के क्रेडिट विभाग की महिला कर्मचारियों के एक समूह ने व्हिसल ब्लोअर बनकर इस घोटाले का पर्दाफाश किया. तदुपरांत, 24 सितंबर को केंद्रीय बैंक ने इसका नियंत्रण छह महीनों के लिए अपने हाथों में लिया और नगद निकासी की सीमा तय की, जिससे खाताधारकों में घबराहट फैल गयी. 

पीएमसी में 1814 कर्मचारी काम करते हैं. अपनी स्थापना के समय पीएमसी एक सहकारी बैंक था, लेकिन वर्ष 2000 में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा इसे अनुसूची वाणिज्यिक बैंक का दर्जा दिया गया. पीएमसी अनुसूचित बैंक का दर्जा हासिल करनेवाला सबसे युवा बैंक है.

पीएमसी में बीते चार सालों से प्राथमिकता वाले क्षेत्र को दिये जानेवाले कर्ज का हिस्सा लगातार कम हो रहा था. बैंक ने अपने कुल 8,800 करोड़ रुपये के कर्ज में से 73 प्रतिशत यानी 6,424 करोड़ रुपये का कर्ज केवल एक ही कंपनी हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) और इसकी सहायक कंपनियों को दे दिया. फिलहाल, बैंकिंग क्षेत्र में गैर निष्पादित आस्ति (एनपीए) आठ लाख करोड़ के करीब है. इस घोटाले से बैंकिंग क्षेत्र में एनपीए और भी बढ़ेगी.

एचडीआईएल और उसकी सहायक कंपनियों ने कर्ज की राशि छुपाने के लिए 44 कर्ज के खाते खोले, जिनमें यह कर्ज की राशि अंतरित की गयी. इसके अलावा भी पीएमसी बैंक में 21,049 खाते फर्जी खाते खोले गये, जिनमें से अधिकतर या तो मृत थे या फिर इन लोगों ने इस बैंक में अपने खाते बंद कर दिये थे. गौरतलब है कि ये खाते कोर बैंकिंग सिस्टम में नहीं खोले गये थे. इन्हें, एडवांस मास्टर इंटेंड एंट्री के रूप में रिजर्व बैंक में पेश किया गया था.

इस बैंक के खाताधारकों में गरीब भी हैं और अमीर भी. ऐसे सेवानिवृत्त और बुजुर्ग खाताधारक भी हैं, जो जमाराशि पर मिलनेवाले ब्याज से अपना जीवनयापन कर रहे हैं.

रिजर्व बैंक द्वारा शुरू में नकदी निकासी की सीमा एक हजार रुपये तक सीमित की गयी, जिसे बाद में बढ़ाकर 10,000 रुपये फिर, 25,000 और 15 अक्तूबर को 40,000 रुपये किया गया. रिजर्व बैंक के अनुसार, बैंक के कुल ग्राहकों में 90 प्रतिशत ऐसे हैं, जिनकी जमा राशि ढाई लाख रुपये से कम है और पैसा निकालने की सीमा बढ़ने से करीब 70 प्रतिशत खाताधारक अपना पूरा पैसा बैंक से निकाल पायेंगे. लेकिन, समस्या का समाधान निकलता दिखायी नहीं दे रहा है.

सहकारी बैंकों में घोटाले का एक बड़ा कारण रिजर्व बैंक और रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव की दोहरी नियंत्रण व्यवस्था को माना जा रहा है. देखा जाये, तो दोनों नियंत्रकों से निगरानी में चूक होने से ही पीएमसी बैंक में घोटाला हुआ. पीएमसी बैंक के द्वारा पिछले चार सालों से प्राथमिकता क्षेत्र को दिये जानेवाले कर्ज में कमी आ रही थी. चार साल पहले इस बैंक द्वारा प्राथमिकता क्षेत्र को दिये गये कर्ज का प्रतिशत 40 था, जो मार्च, 2019 में कम होकर 15.6 प्रतिशत हो गया. पीएमसी बैंक का प्राथमिकता क्षेत्र को दिया गया कर्ज वर्ष 2016 में 24.25 प्रतिशत और 2017 में 16.4 प्रतिशत रहा, जबकि इसे 40 प्रतिशत होना चाहिए था. अगर ऑडिटर्स सतर्क रहते, तो शायद इस घोटाले का पर्दाफाश पहले ही हो जाता.

एक जनवरी 2007 से 31 मार्च 2017 के बीच महाराष्ट्र सहकारी बैंक में लगभग 25,000 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था. अगस्त 2006 को रिजर्व बैंक ने महाराष्ट्र के समता सहकारी बैंक के लेनदेन पर पाबंदी लगा दी थी. बैंक में 145 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था. तत्कालीन संचालक मंडल के प्रमुख मिलिंद चिमुरकर ने इस घोटाले को अंजाम दिया था. यह मामला अभी भी न्यायालय में लंबित है.

गुजरात स्थित माधवपुरा मर्चेंटाइल सहकारी बैंक में वर्ष 2001 में लगभग 1200 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था, जिसमें बैंक के 45,000 ग्राहकों का पैसा एक साल तक फंसा रहा. इस बैंक के प्रबंधन ने रिजर्व बैंक के नियमों का उल्लंघन करते हुए स्टॉक ब्रोकर्स को पैसा देना शुरू कर दिया था. इस घोटाले में तत्कालीन चेयरमैन रमेशचंद्र पारिख, प्रबंध निदेशक देवेंद्र पांड्या सहित 13 लोग शामिल थे.

पीएमसी 24वां ऐसा सहकारी बैंक है, जिसे रिजर्व बैंक ने एक साल के अंदर अपने नियंत्रण में लिया है. अब तक रिजर्व बैंक ने 26 सहकारी बैंकों को घोटालों या परिचालन में गड़बड़ी या अनियमितता के कारण अपने नियंत्रण में लिया है. मार्च 2019 तक देश में 1,542 शहरी सहकारी बैंक थे, जबकि 2018 में इनकी संख्या 1,551 थी. इस तरह गड़बड़ी या घोटाले की वजह से एक साल मे

ी शिवसेना ने अच्छा प्रदर्शन किया है। यह नतीजा शिवसेना को सरकार गठन में उसके द्वारा सौदेबाजी करने को मजबूती देगा। वह अपनी शर्तों के लिए कदम-कदम पर सरकार की नाक में दम करेगी, जिससे भाजपा की मुश्किलें ही बढ़ेंगी।

चुनाव के परिणाम सीख देते हैं कि राजनीति में राष्ट्रीय मुद्दों  और मोदी की लोकप्रियता की अपनी जगह है, लेकिन लोग अपनी आम जिंदगी के मुद्दों को भी उतना ही महत्व देते हैं। आमजन को भाजपा का विकल्प नहीं दिख रहा था, लेकिन अब वह फिर नजर आया है। यदि अच्छी योजना के साथ विपक्ष चुनाव लड़ता, तो नतीजे बदल भी सकते थे। इसके बावजूद यह नतीजा आगामी विधानसभा चुनावों में विपक्ष का मनोबल तो बढ़ाएगा ही।

नीरजा चौधरी : अमर उजाला

ं नौ सहकारी बैंक बंद हो गये.

देश में मार्च 2018 तक कुल 98,163 सहकारी बैंक थे, जिनमें से 96,612 ग्रामीण सहकारी बैंक व 1,551 शहरी सहकारी बैंक थे. शहरी सहकारी बैंकों में सिर्फ 54 अनुसूचित एवं 1,497 गैर अनुसूचित बैंक थे.

ग्रामीण सहकारी बैंकों में सबसे अधिक 95,595 प्राइमरी कृषि ऋण सोसाइटी हैं. वर्ष 1993 से वर्ष 2004 के बीच रिजर्व बैंक ने बड़ी संख्या में शहरी को-ऑपरेटिव बैंकों को लाइसेंस दिये, जिससे इनकी संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई. हालांकि, बाद में इनका विलय भी हुआ. केवल महाराष्ट्र में 72 सहकारी बैंकों का विलय हुआ. वर्ष 2004 में 1926 शहरी को-ऑपरेटिव बैंक थे, जो वर्ष 2018 में घटकर 1,551 हो गये. वर्ष 2004 में इन बैंकों की पूंजी 1,32,100 करोड़ रुपये थी, जो वर्ष 2018 में बढ़कर 5,63,200 करोड़ रुपये हो गयी. 

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास के अनुसार, भारतीय बैंकिंग प्रणाली मजबूत और स्थिर है. पीएमसी घोटाले के आधार पर पूरी बैंकिंग प्रणाली को त्रुटिपूर्ण मानना गलत है.

यह सच भी है, लेकिन देश में सहकारी बैंकों के संदर्भ में निगरानी तंत्र बहुत ही कमजोर है, जिसे मजबूत बनाने की जरूरत है. साथ ही, खाताधारकों की जमा पूंजी बैंकों में सुरक्षित रहे, इसके लिए बीमा कवर में इजाफा करने की भी जरूरत है. उम्मीद है कि पीएमसी बैंक के घोटाले के निहितार्थों से सबक सीखते हुए रिजर्व बैंक जल्द ही इस दिशा में कारगर कदम उठायेगा.

सतीश सिंह : प्रभात खबर
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विलय का संचार

पिछले कुछ समय से ऐसी खबरें आ रही थीं कि भारतीय संचार निगम लिमिटेड यानी बीएसएनएल की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड यानी एमटीएनएल भी बीमार है। हालत यह है कि बीएसएनएल के पास अपने कर्मचारियों को तनख्वाह देने तक के पैसे पूरे नहीं पड़ रहे हैं। जाहिर है, कुछ समय तक ऐसी स्थिति बनी रहती तो शायद इन कंपनियों को बंद करने के अलावा कोई और चारा नहीं बचता। देश भर में दूरसंचार के क्षेत्र में फैली इन दोनों कंपनियों के व्यापक तंत्र को देखते हुए यह चिंता पैदा करने वाली बात है। इसे लेकर आलोचना के स्वर भी उभरे कि सरकार अगर दूसरे क्षेत्रों में निवेश की बात कर रही है, तो इन दोनों बेहद अहम कंपनियों को बचाने के लिए क्या कुछ नहीं किया जा सकता! शायद इसी के मद्देनजर बुधवार को सरकार ने घाटे में चल रही इन दोनों कंपनियों को बचाने के लिए अड़सठ हजार सात सौ इक्यावन करोड़ रुपए के पुनरुद्धार पैकेज को मंजूरी दे दी। इसमें एमटीएनएल का बीएसएनएल में विलय, कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना और 4-जी स्पेक्ट्रम आबंटन शामिल हैं।

दरअसल, देर से लिया गया यह ऐसा फैसला है, जो अगर सही वक्त पर लिया गया होता तो आज ये कंपनियां इतनी लाचार हालत में नहीं जातीं। अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि कुछ समय पहले जब आर्थिक तंगी से जूझते बीएसएनएल और एनटीएनल को फिर से पटरी पर लाने के लिए दूरसंचार विभाग ने चौहत्तर हजार करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव दिया था, तब वित्तमंत्री ने न केवल इसे ठुकरा दिया, बल्कि इन दोनों कंपनियों को बंद करने तक की सलाह दे दी। जबकि तथ्य यह है कि जब तक प्रबंधन सही तरीके से चला, तब तक खासतौर पर बीएसएनएल काफी फायदे में रही और उसी दौर में देश के अलग-अलग इलाकों में इसने अपनी ढांचागत जरूरतों के मद्देनजर काफी परिसंपत्तियां अर्जित कीं। आज जब बाजार में प्रतियोगिता और प्रबंधकीय नाकामी की वजह से इन कंपनियों की माली हालत बेहद खराब हो चुकी है तो उन्हीं परिसंपत्तियों की कीमत का आकलन किया जा रहा है कि क्या उनकी बिक्री से अर्जित धन से इन कंपनियों की स्थिति को सुधारा जा सकता है!

बीएसएनल के महत्त्व का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि आज अपनी डावांडोल स्थिति में भी यह दूरदराज के उन इलाकों में भी सेवा मुहैया करा रही है जिन्हें दुर्गम माना जाता है और जहां बड़ी निजी कंपनियां भी अपने पांव रखने में हिचकती रही हैं। लेकिन एक ओर दूरसंचार के क्षेत्र में तकनीकी तौर पर तीव्र गति से बदलाव हो रहे थे, दूसरी निजी कंपनियां 4-जी स्पेक्ट्रम की सुविधा से लैस हो रही थीं, उस दौर में बीएसएनएल और एमटीएनएल को 3-जी के भरोसे अपना काम चलाना पड़ रहा था। जाहिर है, दूरसंचार के बाजार में इनके कदम पिछड़ते गए और ये लगातार घाटे में आती गर्इं। अब काफी देर से इसे बचाने के लिए सरकारी कवायद अगर शुरू हुई है तो केवल खर्च कम करने के लिए विलय, कर्मचारियों की तादाद में कमी करने जैसे कदम उठाने के बजाय अगर प्रबंधन और प्रतियोगिता के मैदान में टिकने के लिए संसाधन, तकनीक और कौशल को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाए तो संभव है कि आने वाले दिनों में ये कंपनियां फिर से अपने पांव पर मजबूती से खड़ी हो जाएं।

जनसत्ता
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राष्ट्रीय मुद्दों पर हावी आर्थिक मुद्दे

लोकसभा चुनाव के पांच महीने

बाद हुए महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनावों के नतीजे भाजपा के लिए जहां सबक हैं, वहीं विपक्ष के लिए उत्साहित करने वाले हैं। यह नतीजे इन पार्टियों के सहयोगी दलों जैसे एनसीपी  और शिवसेना के लिए संजीवनी साबित हुए। महाराष्ट्र में भाजपा को यह लग रहा था कि उसने देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में सबको अच्छे तरीके से साध लिया है। दरअसल मराठा आरक्षण, भीमा-कोरेगांव समेत कई तरह के आंदोलनों से बहुत ठंडे दिमाग से निपटा गया। देवेंद्र फडणवीस की जनादेश यात्राओं में यह दिख भी रहा था।

भाजपा की रणनीति यह थी कि अनुच्छेद 370, तीन तलाक, एनआरसी (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स) और सावरकर को भारत रत्न देने जैसे राष्ट्रीय मुद्दों को आगे किया जाए, जिससे कि बेरोजगारी और किसानों की समस्याएं जैसे आर्थिक मुद्दे सामने न आ पाएं। लेकिन नतीजे ये बता रहे हैं कि इस बार आर्थिक मुद्दों ने राजनीति को प्रभावित किया है।

महाराष्ट्र में विपक्ष भी हालांकि सौ से ज्यादा सीटें जीतने की उम्मीद नहीं कर रहा था। लेकिन जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मामले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सुप्रीमो शरद पवार को तलब किया गया, तो उन्होंने कमर कस ली, और दम लगाकर चुनाव लड़े। यही हाल हरियाणा का हुआ। वहां कांग्रेस ने हुड्डा को पहले तो हाशिये पर डाल दिया था, लेकिन बाद में जब वह बगावती हुए, तो उन्हें केंद्रीय भूमिका मिली। इसके बाद अशोक तंवर को हटाया गया और कुमारी सैलजा को कमान दी गई। कांग्रेस ने यही कवायद अगर छह महीने पहले की होती, तो नतीजे शायद कुछ और ही होते, क्योंकि महाराष्ट्र में मराठा और हरियाणा में जाटों के साथ आर्थिक चुनौतियां हैं, जो सत्ता को प्रभावित करती है।

महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में कांग्रेस और एनसीपी के विपक्षी गठबंधन ने बेहतर प्रदर्शन किया है। कमोबेश यही हालात हरियाणा में रही। दोनों ही राज्यों में विपक्ष ने अच्छा प्रदर्शन उन क्षेत्रों में किया, जहां मराठों और जाटों का प्रभाव है। जाहिर है, इन इलाकों में सत्ता से नाराजगी थी, क्योंकि अब तक मुख्यमंत्री इन्हीं जातियों के रहे हैं। पर भाजपा ने यह रूढ़ि तोड़ी-हरियाणा में मूलत: पंजाबी मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया, वहीं महाराष्ट्र में ब्राह्मण देवेंद्र फडणवीस को कमान सौंपी। मराठों और जाटों में कहीं न कहीं इस बात की भी नाराजगी थी कि इनको सत्ता में समान शक्ति नहीं मिली। साथ ही दोनों क्षत्रपों-महाराष्ट्र में शरद पवार और हरियाणा में भूपिंदर सिंह हुड्डा-का जमीनी प्रभाव था। इसके अलावा ऐन चुनाव से पहले इन क्षत्रपों के खिलाफ जो मामले सामने आए, जिनकी जानकारी शायद पहले से रही होगी, वे उनके समर्थकों को रास नहीं आए और उन्हें लगा कि उनके नेताओं को निशाना बनाया गया है।

हालांकि चुनाव के दौरान कांग्रेस असहाय दिखी। उसके नेता अलग-अलग चुनाव लड़ रहे थे। उसमें एकजुटता की कमी थी। इसके बावजूद ये नतीजे हताश विपक्ष को नई ऊर्जा देंगे। उनको उनकी आवाज वापस मिली है। उसका असर संसद के साथ आने वाले चुनाव पर देखने को मिलेंगे। इससे पहले भाजपा और कांग्रेस, दोनों पार्टियों की रणनीतिक तैयारी केंद्रीकृत रही है, हाईकमान ने जो तय किया, वही सर्वमान्य हो गया। पर इस चुनाव ने बता दिया कि कांग्रेस का केंद्रीकृत मॉडल काम नहीं करने वाला। इस बार कांग्रेस की रणनीति बदली है। सोनिया गांधी अंतरिम अध्यक्ष बनीं, तो उन्होंने दोनों राज्यों में क्षत्रपों को छूट दी, सोनिया गांधी प्रचार में भी शामिल नहीं हुईं। इसने क्षत्रपों को निर्णय लेने में मदद की, जिसका जमीनी स्तर पर प्रभाव दिखा।

महाराष्ट्र में शरद पवार की वापसी में मराठा फैक्टर ने बड़ी भूमिका निभाई। उनके खिलाफ ईडी का मामला आने के बाद एक वर्ग ने उनका समर्थन किया। पवार ने भी जी जान लगा दिया। कैंसर से पीड़ित और तकरीबन अस्सी साल के जो पवार ठीक से स्टेज पर चढ़ भी नहीं पाते थे, उठने-बैठने के लिए मदद लेते थे, उन्होंने रैलियों में आधा घंटे, एक घंटे भाषण किया। उनको भाजपा के अहंकार का भी फायदा मिला। लोगों में उनके प्रति सहानुभूति पैदा हुई कि कैसा भी हो, है तो महाराष्ट्र का नेता, जिसकी जिंदगी के पांच दशक से ज्यादा समय राजनीति में बीते हैं, और उनको निशाना बनाया जा रहा है।

महाराष्ट्र और हरियाणा के नतीजों ने स्पष्ट किया है कि राजनीति में भावनात्मक मुद्दे एक हद तक काम करते हैं। जब लोगों की रोजी-रोटी पर बात आती है, तो वे जमीनी मुद्दों को तरजीह देते हैं। इन नतीजों के आधार में आर्थिक मुद्दों ने अहम भूमिका निभाई है। महाराष्ट्र में सूखा पड़ा, लोगों को धन की कमी महसूस हो रही है, उनकी नौकरियां जा रही हैं, लोग बेरोजगार हो रहे हैं। भाजपा के मुद्दों पर आर्थिक चुनौतियों ने असर किया। अगर मोदी की लोकप्रियता नहीं होती, तो भाजपा के लिए नतीजे शायद और खराब होते। महाराष्ट्र में भाजपा का  प्रदर्शन उसकी उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है, जबकि उसकी सहयोग

हिन्दी करंट अफेयर्स प्रश्नोत्तरी : 25 अक्टूबर 2019

प्रश्‍न 1. चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में किस टेक कंपनी को 10.7 प्रतिशत अरब डॉलर का मुनाफा हुआ है?
माइक्रोसॉफ्ट –
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में किस टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट को 10.7 प्रतिशत (75970 करोड़ रुपए) का अरब डॉलर का मुनाफा हुआ है. जबकि यह मुनाफा पिछले वर्ष की इसी तिमाही के मुकाबले 21% ज्यादा है और माइक्रोसॉफ्ट का रेवेन्यू 14% बढ़कर 33.1 अरब डॉलर हो गया है.

प्रश्‍न 2. वर्ष 2021 में होने वाले ‘क्लब’ फुटबॉल विश्व कप की मेजबानी कौन सा देश करेगा?
चीन –
वर्ष 2021 में होने वाले ‘क्लब’ फुटबॉल विश्व कप की मेजबानी चीन करेगा. इस बार फीफा के मुताबिक 2021 में विश्व कप नए फॉर्मेट में टूर्नामेंट में 24 टीमें हिस्सा लेंगी. इस फुटबॉल विश्व कप का आयोजन जून-जुलाई के महीने में होगा.

प्रश्‍न 3. हाल ही में किसने सरकार को टेलीकॉम कंपनियों से एजीआर के विवाद से संबंधित 92000 करोड़ रुपए वसूलने के लिए मंजूरी दे दी है?
सुप्रीम कोर्ट –
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में सरकार को टेलीकॉम कंपनियों से एजीआर के विवाद से संबंधित 92000 करोड़ रुपए वसूलने के लिए मंजूरी दे दी है. टेलीकॉम कंपनियों को एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) का 3% स्पेक्ट्रम फीस और 8% लाइसेंस फीस के तौर पर सरकार को देना होता है.

प्रश्‍न 4. वर्ल्ड बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भारत 14 रैंक की छलांग के साथ कौन से स्थान पर पहुच गया है?
63वें –
वर्ल्ड बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भारत 14 रैंक की छलांग के साथ 63वें स्थान पर पहुच गया है. जबकि पिछले वर्ष भारत 2018-19 की लिस्ट में 77वें स्थान पर था. भारत देश लगातार तीसरे वर्ष अर्थव्यवस्था के मामले में टॉप-10 सुधारक देशों में शामिल हुआ है.

प्रश्‍न 5. निम्न में से किस कंपनी ने हाल ही में दुनिया की सबसे महंगी चॉकलेट (4.3 लाख रुपए प्रति किलो) लांच की है?
आईटीसी –
आईटीसी कंपनी ने हाल ही में दुनिया की सबसे महंगी चॉकलेट (4.3 लाख रुपए प्रति किलो) लांच की है. इस चॉकलेट का नाम दुनिया की सबसे महंगी चॉकलेट के तौर पर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हो गया है. कंपनी ने लग्जरी ब्रांड फैबेल की रेंज में “ट्रिनिटी ट्रफल्स एक्ट्राऑर्डिनेएर” नाम से चॉकलेट पेश की है.

प्रश्‍न 6. भारत की वायुसेना ने हाल ही सतह से सतह पर फायर करने वाली कितने ब्रह्मोस मिसाइलों का हाल ही में सफल परीक्षण किया है?
2 ब्रह्मोस मिसाइल –
भारत की वायुसेना ने हाल ही सतह से सतह पर फायर करने वाली 2 ब्रह्मोस मिसाइलों का हाल ही में सफल परीक्षण किया है. इन दोनों ब्रह्मोस मिसाइलों का अंडमान निकोबार द्वीप समूह के ट्राक द्वीप से सफल परीक्षण किया गया है.

प्रश्‍न 7. कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की _ पार्टी ने अल्पमत के साथ चुनाव जीत लिया है?
लिबरल पार्टी ऑफ कनाडा –
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की लिबरल पार्टी ऑफ कनाडा पार्टी ने अल्पमत के साथ चुनाव जीत लिया है. लिबरल पार्टी को 157 सीटों पर जीत मिली है जबकि बहुमत के आंकड़े से 13 सीटें कम है. इस चुनाव में वामपंथी रुझान वाली एनडीपी के नेता और भारतवंशी जगमीत सिंह किंग मेकर बनकर उभरे हैं.

प्रश्‍न 8. आईपीएल की किस टीम के पूर्व ऑलराउंडर अभिषेक नायर ने हाल ही में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा की है?
मुंबई इंडियंस –
आईपीएल में मुंबई इंडियंस टीम के पूर्व ऑलराउंडर अभिषेक नायर ने हाल ही में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा की है. उन्होंने वर्ष 2009 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया की तरफ से तीन वनडे खेले.

प्रश्‍न 9. 22 वर्षीया प्रवीण कुमार वर्ल्ड चैंपियनशिप में कितने किग्रा पुरुष कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीतकर भारत के पहले वुशू वर्ल्ड चैंपियन बन गए हैं?
48 किग्रा –
भारत के 22 वर्षीया प्रवीण कुमार वर्ल्ड चैंपियनशिप में 48 किग्रा पुरुष कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीतकर भारत के पहले वुशू वर्ल्ड चैंपियन बन गए हैं. उन्होंने फाइनल मुकाबले में फिलीपींस के रसेल डियाज को 2-1 से हराया है. साथ ही प्रवीण कुमार ने वर्ष 2016 में एशियन वूशु चैंपियनशिप में सिल्वर जीता था.

प्रश्‍न 10. अबूधाबी में खेली जाने वाली टी10 लीग में भारतीय टीम के किस पूर्व खिलाडी को “मराठा अरेबियन्स” ने आइकॉन प्लेयर के रूप में चुना है?
युवराज सिंह –
जल्द ही अबूधाबी में खेली जाने वाली टी10 लीग में भारतीय टीम के युवराज सिंह को “मराठा अरेबियन्स” ने आइकॉन प्लेयर के रूप में चुना है. वे “मराठा अरेबियन्स” के लिए खेलेंगे. यह टी10 टूर्नामेंट अबुधाबी में 14 नवंबर से खेला जाएगा.

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