WMO ने वर्ष 2016 में प्रकाशित अपने दिशा-निर्देशों में तापमान और मानवीय गतिविधियो जैसे कुछ कारको को ग्रीष्म लहर के मानक आधार के रूप में चिह्नित किया।
भारत के मौसम विभाग ने मैदानी क्षेत्रों में 40 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी क्षेत्रों में 30 डिग्री सेल्सियस तापमान को हीटवेव के मानक के रूप में निर्धारित किया है।
जहाँ सामान्य तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से कम रहता है वहाँ 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ने पर सामान्य हीटवेव तथा 7 डिग्री सेल्सियस से अधिक तामपान बढ़ने पर गंभीर हीटवेव की घटनाएँ होती है।
जहाँ सामान्य तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहता है वहाँ पर 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ जाने पर सामान्य हीटवेव और 6 डिग्री सेल्सियस से अधिक तामपान बढ़ने पर गंभीर हीटवेव की घटनाएँ होती है







