मोसम की मिसाल दुं या तुम्हारी,
कोई पुछ बैठा है बदलना किसे कहते है।
देखा गया हूँ मैं कभी सोचा गया हूँ मैं
अपनी नज़र में आप तमाशा रहा हूँ मैं
मुझसे मुझे निकाल के पत्थर बना दिया
जब मैं नहीं रहा हूँ तो पूजा गया हूँ मैं
मैं मौसमों के जाल में जकड़ा हुआ दरख़्त
उगने के साथ-साथ बिखरता रहा हूँ मैं
ऊपर के चेहरे-मोहरे से धोखा न खाइए
मेरी तलाश कीजिए, गुम हो गया हूँ मैं
तुम्हारे जैसा...
कोई मिला ही नहीं..
कैसे मिलता..
कहीं था ही नहीं
.
"कभी उनकी पलकों से इज़हार होगा;
दिल के किसी कोने में हमारे लिए प्यार होगा;
गुजर रही है रात उनकी याद में;
कभी तो उनको भी हमारा इंतज़ार होगा!"
फिर न सिमटेगी मोहब्बत जो बिखर जायेगी,
ज़िंदगी ज़ुल्फ़ नहीं जो फिर संवर जायेगी,
थाम लो हाथ उसका जो प्यार करे तुमसे,
ये ज़िंदगी न मिलेगी जो गुज़र जायेगी !!!
एहसास तो उसको भी बहुत है मेरी मोहब्बत का*
*वो तड़पाते इसलिए है कि मैं और भी टूट के चाहूँ उसे*
हम ने देखा है ज़माने का बदलना लेकिन,,,,!!
उनके बदले हुए तेवर नहीं देखे जाते....!!
फ़कत रेशम सी गाठें थी,
जरा सा खोल लेते तुम....
अगर दिल मे शिकायत थी
ज़बा से बोल देते तुम....
क्या किस्मत पाई है
रोटीयों ने निवाला बनकर,
अमीरों ने आधी फेंक दी..
गरीबों ने आधी में ज़िन्दगी गुज़ार दी।
स्कूटी पर बैठी एक लड़की सयानी
लहराती सी जुल्फें बिलखाते खाते हॉट
लग रही थी परियों की रानी
कर रही थी कायल उसकी जवानी।
देख उसे दिल मेरा मचलने लगा
प्यार में उसके पिघलने लगा।
मन को मैंने खूब समझाया
मत कर गलती बेवकूफ,
पर वह था कहां सुनने वाला
उसने तो जाकर बोली डाला।
Ji I love you
क्या आपका कोई बॉयफ्रेंड है जी साला।
अरे यार सबकी क़िस्मत बदलती हें
ओर कमबख़्त मेरी problems बदलती हें।
तुम मुझे पड़ना छोड़ दो
मैं तुम्हे लिखना छोड़ दूंगी।
✅ पसीने की स्याही से
जो लिखते है अपने इरादों को
✅ उनके मुकद्दर के पन्ने कभी कोरे नही हुआ करते
✅ रास्ता बेशक मुश्किल हो
✅ पर मंजिल जरूर पाएंगे
✅ ये जो किस्मत अकड़ के बैठी है
✅ इसको एक दिन जरूर हराएंगे
✅ Thoughts को बदलने से भी नया दिन निकलता है
✅ सिर्फ सूरज के निकलने से ही सवेरा नही होता साहब।
🍃 यही जज्बा रहा तो मुश्किलों का हल भी निकलेगा
🍃 जमीं बंजर हुई तो क्या वहीं से जल भी निकलेगा
🍃 ना हो मायूस ना घबरा अंधेरों से मेरे साथी
🍃 इन्हीं रातों के दामन से सुनहरा कल भी निकलेगा