स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (Statue of Unity)
भारत भक्ति की भावना को हमारी सभ्यता की पहचान बनाने वाले सरदार साहब की 182 मीटर ऊंची ये प्रतिमा आधुनिक भारत के निर्माता और 550 से ज्यादा रियासतों के एकीकरण कर एक संगठित भारत की रचना करने वाली शख्सियत के साहस, सामर्थ्य की याद हमेशा दिलाएगा। सरदार साहब के सम्मान का सफर अंजाम तक पहुंचा है. उनको वो सम्मान मिला जिसके वो हकदार हैं। देश के महानायक का संकल्प ही तो था जिसने भारत के लिए बुलंदी के रास्ते की नींव रखी।
- स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भारत के प्रथम उप प्रधानमन्त्री तथा प्रथम गृहमन्त्री वल्लभभाई पटेल को समर्पित एक स्मारक है।
- गुजरात के तत्कालीन मुख्यमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2013 को सरदार पटेल के जन्मदिवस के मौके पर इस विशालकाय मूर्ति के निर्माण का शिलान्यास किया था।
- यह स्मारक सरदार सरोवर बांध से 3.2 किमी की दूरी पर साधू बेट नामक स्थान पर है जो कि नर्मदा नदी पर एक टापू है। यह स्थान भारतीय राज्य गुजरात के भरुच के निकट नर्मदा जिले में स्थित है।
- यह विश्व की सबसे ऊँची मूर्ति है, जिसकी लम्बाई 182 मीटर (597 फीट) है। इसके बाद विश्व की दुसरी सबसे ऊँची मूर्ति चीन में स्प्रिंग टैम्पल बुद्ध है, जिसकी आधार के साथ कुल ऊंचाई 208 मीटर (682 फीट) हैं।
- प्रारम्भ में इस परियोजना की कुल लागत भारत सरकार द्वारा लगभग भारतीय रुपया 3,001 करोड़ (US$438.15 मिलियन) रखी गयी थी।
- इसका उद्घाटन भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 31 अक्टूबर 2018 को सरदार पटेल के जन्मदिवस के मौके पर किया गया।








